चुनाव में मतदाताओं को रिझाने के लिए प्रत्याशियों की ओर से अपनाए जाने वाले हर हथकंडे पर अब आयोग के साथ आम लोग भी नजर रख सकेंगे। कहीं भी आचार संहिता का उल्लंघन होने पर लोग सीधे अपनी शिकायत आयोग में दर्ज करा सकेंगे। इसके लिए उन्हें सी-विजिल एप की मदद लेनी होगी। अपने मोबाइल में यह एप डाउनलोड कर किसी भी तरह की शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। महज 100 मिनट के अंदर निर्वाचन अधिकारी कार्रवाई करते हुए शिकायत का निस्तारण सुनिश्चित करेंगे।
चुनाव जीतने के लिए प्रत्याशी कोई भी कसर बाकी नहीं छोड़ना चाहते। कोई मतदाताओं को धनबल-बाहुबल के प्रयोग से रिझाता है तो कोई जाति-धर्म के नाम पर डोरे डालता है। भड़काऊ भाषण के साथ गिफ्ट कूपन, उपहार आदि का प्रत्याशी उपयोग करने से नहीं हिचकते। आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के ऐसे मामले आए दिन सामने आते हैं। लोग इसकी सूचना भी देना चाहते हैं लेकिन संबंधित क्षेत्र के आरओ, एआरओ, फ्लाइंग स्क्वायड सहित अन्य अफसरों के बारे में जानकारी न होने से उनकी शिकायत सही जगह तक नहीं पहुंच पाती। इसके मद्देनजर आयोग ने सी-विजिल एप लांच किया है। इस एप पर दर्ज की गई शिकायत सीधे सूचना जिला नियंत्रण कक्ष पहुंचेगी। वहां से इसे फील्ड यूनिट को सौंपा जाएगा। इसका अनुसरण कर यूनिट लोकेशन पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई करेगी। सूचना सही पाए जाने पर इसे भारत निर्वाचन आयोग के राष्ट्रीय शिकायत पोर्टल पर कार्रवाई को भेजा जाएगा और शिकायतकर्ता को 100 मिनट के अंदर स्थिति से अवगत कराया जाएगा। साथ ही शिकायत कर्ता की सुरक्षा के लिए आयोग की ओर से उसका नाम व पता गोपनीय रखा जाएगा।
ऐसे कर सकेंगे शिकायत
सी-विजिल एप को प्ले स्टोर से डाउनलोड करके ओपन करें। अपना मोबाइल नंबर दर्ज करने के बाद उस पर आए चार अंकों के कोड को भरकर एप का इस्तेमाल करें। शिकायत दर्ज करने के लिए वीडियो, आडियो व फोटो अपलोड करके डिस्क्रिप्शन में विवरण दर्ज करें। साथ ही घटनात्मक तथ्य को चुनें। इसके लिए पांच मिनट का समय ही निर्धारित किया गया है। सबमिट के बाद कंफर्म के ऑप्शन पर क्लिक करते ही आपकी शिकायत निर्वाचन आयोग में दर्ज हो जाएगी। इसके लिए आपके मोबाइल पर कंफर्मेशन मैसेज भी प्राप्त होगा, इससे शिकायत का स्टेटस चेक किया जा सकेगा।
आदर्श आचार संहिता का पालन सुनिश्चित कराने के लिए आयोग की ओर से सी-विजिल एप लांच किया गया है। इसकी मदद से कोई भी व्यक्ति अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। तय समय सीमा में निस्तारण भी किया जाएगा। - जगरूप सिंह पटेल, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी।