म्योरपुर। थाना क्षेत्र के हरहोरी गांव के जंगल की सैकड़ों बीघे वन भूमि झोपड़ियों लगाकर अवैध कब्जा कर लिया गया है। यह मामला संज्ञान में होने के बाद भी वन कर्मियों द्वारा अतिक्रमणकारियों के विरूद्घ कार्यवाही नहीं की जा रही है। इससे क्षुब्ध होकर ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेज कर शीघ्र अतिक्रमण को हटवाने की मांग की है।
म्योरपुर वन रेंज के हरहोरी जंगल में वन भूमि पर अतिक्रमणकारियों द्वारा कब्जा कर जोतने के बाद फसल बो दी गई है। यही नही अतिक्रमणकारियों ने वन भूमि पर झोपड़ियों के निर्माण कर दिया है। वन विभाग को जानकारी होने के बावजूद अभी तक कोई कार्यवाही ना होने से ग्रामीणों में नाराजगी व्याप्त है। आलम यह है कि जांच में पहुंचे क्षेत्रीय लेखपाल ने वन भूमि पर अतिक्रमण की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी है। इसके बावजूद अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हो सकी है। चतुरगुन प्रसाद, रामनरेश यादव, राजेंद्र प्रसाद, प्रमोद कुमार, टीपू, श्यामचरण, गोमती प्रसाद समेत अन्य ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से की अवैध कब्जा करने की शिकायत की है।ग्रामीणों की मानें तो वन भूमि से पेड़ों की सफाई करके झोपड़ी बना दी गई है। मना करने पर अतिक्रमणकारी मारपीट पर उतारू हो जा रहे हैं। उनका आरोप है कि कुछ वन कर्मियों की मिलीभगत से अवैध कब्जा किया जा रहा है। म्योरपुर रेंज कार्यालय से महज तीन किलोमीटर दूरी पर प्राथमिक विद्यालय हरहोरी के उत्तर दिशा में सैकड़ों बीघा वन भूमि पर अतिक्रमणकारियों द्वारा कब्जा कर लिया गया है। इस संबंध में डीएफओ रेणुकूट एमपी सिंह ने कहा कि डिवीजन स्तर पर जांच टीम गठित की गई है, जिसकी अगुवाई एसडीओ मनमोहन मिश्रा द्वारा की जा रही है।उन्होंने बताया कि जांच टीम द्वारा वन क्षेत्र से खनन व वन भूमि पर अतिक्रमण समेत कटान व वन्यजीवों से संबंधित अपराधों की जांच कर कार्रवाई करेगी।