म्योरपुर। म्योरपुर एयरपोर्ट की जमीन से जुड़े विवाद को सुलझाने की कवायद तेज हो गई है। हाईकोर्ट ने स्टे आर्डर हटा लिया है। मामले को राजस्व परिषद के समक्ष रखने को कहा गया है। यह आदेश भी दिए गए हैं कि परिषद के माध्यम से इसे शीघ्र निस्तारित कराया जाएगा। लिहाजा अगले एक माह इस दिशा में बेहद अहम होंगे। स्टे आर्डर हटने के बाद एयरपोर्ट का निर्माण तेज होने को लेकर उम्मीदें भी बढ़ी हैं।
केंद्र सरकार की रिजनल कनेक्टिविटी स्कीम के तहत म्योरपुर की हवाई पट्टी को एयरपोर्ट के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस कार्य को वर्ष 2022 तक ही पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन इस बीच पार्किंग व टर्मिनल हिस्से की करीब तीन बीघा भूमि को लेकर किसान जौहर हुसैन की ओर से 2021 में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कार्य पर रोक लगा दी था। जौहर हुसैन ने इस हिस्से की भूमि पर अपना दावा किया था। हाईकोर्ट के आदेश के बाद से काम बंद पड़ा है। एयरपोर्ट टर्मिनल बिल्डिंग के अलावा अग्निशमन केंद्र सहित अन्य जरूरी निर्माण पूरा कर लिया गया है। केवल सड़क, बाउंड्री, पार्किंग और टर्मिनल का कुछ कार्य शेष है। विवाद लंबा खींचने के चलते यहां निर्माण में लगी मशीनों को हटा दिया गया था। कर्मचारियों को भी अन्यत्र भेज दिया गया था। सरकार की ओर से विवाद सुलझाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, मगर अब तक सफलता नहीं मिल पाई है। इस बीच हाईकोर्ट में गत चार फरवरी को प्रार्थना पत्र देकर जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य का हवाला देते हुए इसकी शीघ्र सुनवाई व निस्तारण की अपील की गई थी। इस पर कोर्ट ने छह फरवरी को सुनवाई करते हुए स्टे इस निर्देश के साथ हटा दिया है कि याचिकाकर्ता राजस्व परिषद के समक्ष संशोधन प्रस्ताव दायर करे और परिषद कानूनी प्रक्रियाओं के तहत शीघ्र निस्तारण करे। हालांकि यह मौका भी दिया गया है कि याचिकाकर्ता दोबारा पुनरीक्षण भी दाखिल कर सकता है। कोर्ट के ताजा आदेश के बाद मामले के शीघ्र समाधान की उम्मीद जताई जा रही है। राजस्व विभाग के अधिकारी भी संबंधित पक्ष से संपर्क कर विवाद हल निकालने में तेजी से जुटे हैं।
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एयरपोर्ट से जुड़े विवाद का मामला न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है। लिहाजा इस पर अभी कुछ भी बोलना उचित नहीं है। कोर्ट के आदेशों के अनुसार विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी। -निखिल यादव, एसडीएम दुद्धी।