सोनभद्र। राजस्थान के कोटा से 11 बसों में भरकर रविवार को सोनभद्र पहुंचे 197 छात्र-छात्राओं को हिन्दुआरी स्थित आरआर पालीटेक्निक कॉलेज में रोका गया। विशेष जांच किट से सभी बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। सभी के रिपोर्ट निगेटिव मिली। बाद में सभी बच्चों को 14 दिन तक घरों में क्वारंटीन रहने संबंधी सेल्फ डिक्लेरेशन लेकर भोजन व नाश्ता आदि रोडवेज व स्कूल बसों के जरिए उनके घर भेजा गया।
जानकारी के अनुसार झांसी और उरई डिपो की कुल 11 रोडवेज बसों से सोनभद्र के 197 छात्र-छात्राओं को राजस्थान प्रांत के कोटा से मिर्जापुर के रास्ते सोनभद्र लाया गया। हिन्दुआरी स्थित आरआर पालीटेक्निक कालेज में सभी बच्चों को रोका गया। कोटा से आये सभी बच्चों का पहले रजिस्टर में नाम, पता, मोबाइल नंबर अंकित किया गया। इसके बाद सीएमओ डा.एसके उपाध्याय एवं सीएमएस डा.पीबी गौतम के निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने छात्र-छात्राओं की थर्मल स्क्रीनिंग एवं विशेष जांच किट से जांच की। जांच में सभी की रिपोर्ट निगेटिव मिली।
इसके बाद बच्चों को नाश्ता व भोजन कराया गया। तत्पश्चात रुट निर्धारित करके रोडवेज व स्कूल बसों आदि से बच्चों को उनके घर भेजवा दिया गया। कोटा से आये ज्यादातर बच्चे अनपरा, दुद्धी, बभनी और रेणुकूट के थे। सोनभद्र डिपो के एआरएम एके सिंह के बताया कि बच्चों को रोडवेज एवं स्कूल बसों से उनके घर भेजा गया है। राबर्ट्सगंज नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी प्रदीप गिरी के साथ अन्य कर्मचारी कोटा से आए बच्चों के खान-पान की व्यवस्था में जुटे रहे।
घर से बाहर रहने में हो रही थी घबराहट
सोनभद्र। राजस्थान प्रांत के कोटा से गृह जनपद सोनभद्र लौटे छात्र-छात्राओं ने सुरक्षित घर पहुंचने पर शासन, प्रशासन का शुक्रिया अदा किया। बोले, कोरोना वायरस की भयावहता की खबर सुनकर वो सहम गये थे। ऐसे समय में घर, परिवार से दूर रहने पर वह घबरा रहे थे। कोटा से आरआर पालीटेक्निक कालेज पहुंची बभनी ब्लॉक के मचबंधवा गांव की अर्चना गुप्ता ने बताया कि उसके बाहर रहने से घरवाले बहुत घबरा गए थे। पिता रामेश्वर गुप्ता आधे-एक घंटे पर कॉल करके उसकी सुध लेते रहे। दुद्धी की काजल कुमारी और कोन की लक्ष्मी कुमारी का कहना था कि शासन, प्रशासन की तरफ से रास्ते में खाने-पीने की व्यवस्था की गई थी। उन्हे कहीं दिक्कत नहीं हुई।
दुद्धी के घिवही गांव के आकाश कुमार और दुद्धी नगर पंचायत के प्रिंस कुमार सिंह ने बताया कि लगभग 1200 किलोमीटर की यात्रा करने में उन्हे कहीं कठिनाई नहीं हुई। कोटा के बाद झांसी में रोककर सभी बच्चों के स्वास्थ्य जांच की गई। दुद्धी के मल्देवा गांव के ऋषि शर्मा ने कहा कि विषम परिस्थिति में सरकार बाहर रह रहे बच्चों की सुध ली, इसके लिए शासन एवं प्रशासन को शुक्रिया। घर पहुंचने पर होम क्वारंटीन के लिए बोला गया है, इसका हम सब पालन करेंगे।
डीएम एस. राजलिंगम ने बताया कि कोटा से जो बच्चे आए हैं, उनकी एक विशेष जांच किट के जरिए जांच कराई गई। बच्चों की रिपोर्ट निगेटिव है। इन बच्चों से 14 दिन तक घर में ही क्वारंटीन रहने संबंधी सेल्फ डिक्लेरेशन लेने के बाद रोडवेज, स्कूल वाहनों से उन्हे उनके घर भेजवाया जा रहा है।