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Sonebhadra News: नौ बोगस फर्माें के जरिए की गई पांच करोड़ से अधिक की जीएसटी चोरी

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सोनभद्र के पते पर बोगस फर्में पंजीकृत कराकर करोड़ों की जीएसटी चोरी का एक और मामला सामने आया है। अब तक की जांच में ऐसी नौ फर्में पकड़ी गई हैं और इसके जरिये पांच करोड़ से अधिक की राजस्व चोरी पाई गई है। राज्य स्तर पर गठित एसआईटी की छानबीन में मामला सामने आने के बाद पकड़ में आई सभी नौ फर्मों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।
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पिछले महीने महज दो फर्मों के जरिये 5.65 करोड़ की जीएसटी चोरी का मामला सामने आया था। अब नौ बोगस फर्मों के जरिए पांच करोड़ से अधिक की जीएसटी चोरी पकड़ी गई है। एसआईटी की जांच में पता चला है कि राज ग्रुप ट्रेडर्स, न्यू पंजाब ट्रेडर्स, दीपक ट्रेड लिंक, गोयल इंटरप्राइजेज, रामा इंटरप्राइजेज, जसपाल ट्रेडर्स, अंसारी स्टील डीलर, बीके एसोसिएट, एमके इंटरप्राइजेज का फर्जी तरीके से संचालन कर लोहा और स्क्रैप व्यापार का फर्जी ई-वे बिल जारी किया जा रहा था।
इसमें एक फर्म का पंजीयन 2017 में कराया गया था और उसी साल व्यापार दिखाते हुए उसे बंद भी कर दिया गया। शेष फर्मों का पंजीयन 2024-25 में कराया गया था। एसआईटी करी जांच में पाया गया है कि इन बोगस फर्मों की ओर से इनवर्ड आपूर्ति हासिल करते हुए बोगस आईटीसी क्लेम किया गया और उसे मैनेज किया गया। इसके बाद आउटवर्ड आपूर्ति दिखाते हुए बोगस आईटीसी अपनी आपूर्तिकर्ता फर्म को पास-आन की गई। जांच में पुष्टि हुई कि इन बोगस फर्मों का सोनभद्र में कभी कोई अस्तित्व ही नहीं था, बावजूद कागज पर आपूर्ति दिखाई गई और फर्जी तरीके से आईटीसी क्लेम करते हुए सरकार को क्षति पहुंचाई गई। असिस्टेंट कमिश्नर राज्य कर राम विजय साहनी ने बताया कि एसआईटी की जांच में बोगस फर्में पकड़ में आने के बाद मुख्यालय से एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए थे। इस पर राज्य कर अधिकारी मनीष कुमार को एफआईआर दर्ज कराने के लिए कहा गया था। आगे भी ऐसी जो फर्में पकड़ी जाएंगी उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का काम जारी रहेगा। अपराध निरीक्षक अरविंद सरोज के मुताबिक मिली तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।
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