जिले की सबसे पुरानी विधानसभा सीट राबर्ट्सगंज में पिछले पांच वर्षों के दौरान हुए कार्यों को सत्ताधारी दल के विधायक गिनाते नहीं थकते। भाजपा विधायक भूपेश चौबे का दावा है कि केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं के माध्यम से हर घर तक लाभ पहुंचाया गया है। अरसे से बनी पानी की समस्या हल हुई है। स्वास्थ्य, बिजली, शिक्षा, जलनिकासी के इंतजामों पर भी वह उपलब्धियों की लंबी फेहरिस्त लेकर बैठे हैं। हालांकि विपक्ष उनके दावों को सिरे से खारिज कर रहा है। उनकी नजर में विकास के नए काम तो दूर पूर्ववर्ती सरकार ने जो काम शुरू कराए थे, उसे भी पूरा नहीं कराया जा सका। सिंचाई, पढ़ाई, दवाई की मूल समस्या जस की तस है। आरोप-प्रत्यारोप के बीच चुनावी माहौल को गर्म करते हुए अपना टेंपो हाई करने में दोनों ही खेमे के लोग जुटे हुए हैं। जनता सबके दावों और दलीलों को आंक रही है। मौन साधकर वे अपना फैसला सुनाने के लिए मतदान दिवस की प्रतीक्षा में हैं।
विधायक निधि से खर्च हुए आठ करोड़
पिछले पांच वर्षों के दौरान विधायक निधि में आठ करोड़ रुपये मिले हैं। इस धनराशि से यात्री शेड, सांस्कृतिक मंच, स्वतंत्रता सेनानियों के गांव में गेट व स्मारक, विद्युतीकरण आदि का कार्य हुआ है। वर्ष 2020-21 की निधि कोरोना के कारण निरस्त रही।
पिछले पांच वर्षों में केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं को क्षेत्र की जनता तक शत-प्रतिशत तक पहुंचाया गया। गरीबों को पक्के आवास, सिलिंडर, आयुष्मान कार्ड की सुविधा दी गई। सुदूर के जिन इलाकों में लोगों ने अब तक बिजली नहीं देखी थी वहां भी बिजली पहुंचाई गई। हमारे इलाके में पानी की समस्या अरसे से रही है। हर घर जल योजना के माध्यम से इन क्षेत्रों को लाभ मिल रहा है। विधानसभा क्षेत्र की जर्जर सड़कों, पुल-पुलिया का नवनिर्माण कराया गया है। विधायक निधि के माध्यम से गांवों में सांस्कृतिक मंच, स्वतंत्रता सेनानियों के गांव में स्मारक, गेट सहित अन्य कार्य कराए गए हैं। क्षेत्र के विकास के लिए पूरे संकल्पित भाव से जनता के बीच बना रहा हूं। - भूपेश चौबे, विधायक सदर।
गिनाई यह उपलब्धियां
पांडु नदी में दो स्थानों पर नए पुल का निर्माण कराया गया।
यूपी-झारखंड की सीमा पर बजारीघाट, नयनदह नदी और करारी में बेलन नदी पर नया पुल निर्माण हो रहा है।
खुज्झा में इंटर कॉलेज का निर्माण होने से पिछड़े क्षेत्र में शिक्षा को नई दिशा मिलेगी।
स्वास्थ्य सुविधाओं की बेहतरी के लिए जिले में नए मेडिकल कॉलेज का निर्माण शुरू हो गया है।
नगर पालिका में जलनिकासी की समस्या के लिए 37 करोड़ की लागत से नाला का निर्माण कराया जा रहा है।
विपक्ष का पलटवार
विधायक के पांच वर्षों का कार्यकाल सिर्फ झूठ बोलने, जनता को गुमराह करने और नफरत फैलाने में बीत गया। कोई नया काम नहीं हुआ, बल्कि जो काम हमने शुरू कराया था उसे भी आगे बढ़ाने और पूरा कराने में सरकार नाकाम रही। राबर्ट्सगंज की जनता को पानी देने के लिए जो पेयजल परियोजना तैयार की गई थी, उसमें जलापूर्ति शुरू नहीं हो पाई। महंगाई और बेरोजगारी मिटाने के लिए कोई काम नहीं हुआ। अलबत्ता गिट्टी-बालू के दामों में पांच गुना वृद्धि हो गई। जब सरकार जाने को हुई तब मेडिकल कॉलेज की याद आई। इसकी भी सिर्फ अब तक नींव खोदी गई है। सपा सरकार ने ट्रामा सेंटर और बर्न यूनिट बनाया था जिसे वे शुरू नहीं करा पाए। सिंचाई, पढ़ाई, दवाई जैसी बुनियादी जरूरतों पर पांच साल कोई काम नहीं हुआ। - अविनाश कुशवाहा, पूर्व विधायक सपा।
ये जड़े आरोप
पांच वर्षों में पटवथ से बसुवारी और कोन से कचनरवा तक की सड़क नहीं बन पाई।
कोन में सिंचाई के लिए कनहर नदी पर जलसुरंग पांच वर्षों में एक मीटर भी आगे नहीं बढ़ सका।
सोन नदी पर कोन में चांचीकला से रानीडीह को जोड़ने वाले जिले के सबसे लंबे पुल का निर्माण पूरा नहीं हो सका।
सीमा विस्तार समेत नगर पालिका के लिए कोई भी काम पिछले पांच वर्षों में नहीं हुआ।
गुरमुरा में आदिवासियों के लिए बने राजकीय इंटर कॉलेज और रामगढ़ में राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज शोपीस बनकर रह गए।