दुद्धी के सतबहनी की धनपतिया, रग्घू सिंह, फुलेसरी देवी, कलावती, राजकुमारी, राजबली, रॉबर्ट्सगंज के चौरा गांव के नारायण, पानमति, दामोदर, अवधेश, अनंत लाल शामिल रहे। पट्टे का प्रमाण पत्र पाने के बाद लाभार्थियों के चेहरे पर खुशी की चमक झलक रही थी। चौरा के दामोदर, अवधेश ने कहा कि कई पीढि़यों से वह जिस भूमि पर रहते आ रहे थे, उस पर उनका कोई अधिकार नहीं था। आए दिन वन विभाग के उत्पीड़न का शिकार होना पड़ता था। अब उन्हें किसी का भय नहीं रहेगा। वर्षों से इस दिन का इंतजार था।