उन्होंने बताया कि अब भारत के संस्थानों और इंडस्ट्रीज में 6जी स्पेक्ट्रम पर इतनी डीप रिसर्च हो रही है कि पूरी दुनिया भारत का लोहा मानेगी। भारत 6जी में ग्लोबल लीडर बनेगा। 6जी में इस्तेमाल होने वाली सेंसर तकनीक, इंटीग्रेटेड सिस्टम, स्पेक्ट्रम और डिवाइस सब कुछ भारत में ही बनेगी। हम मेक इन इंडिया 6जी बनाने में सफल होंगे। इसे एडवांस 5जी भी कहा जा सकता है।
डायरेक्टर जनरल राजेश कुमार पाठक ने कहा कि 6जी में सेटेलाइट नेटवर्क का भी इस्तेमाल हो सकेगा। इसके अलावा, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की मदद से नेटवर्क सिस्टम ऐसा होगा कि डिवाइस आपस में बातें करेंगे और एक-दूसरे की जरूरत के अनुसार काम करेंगे। मोबाइल का ट्रैफिक भी खुद से ही मैनेज करेंगे। 6जी में इस्तेमाल आने वाले डिवाइस की बैटरी बहुत दिनों तक चल सकती है, क्योंकि ये सेंसर बेस्ड होंगे।