घोरावल तहसील क्षेत्र के उभ्भा गांव में गत वर्ष खूनी संघर्ष में 11 आदिवासियों की मौत हो गई थी। घटना के बाद से शासन और जिला प्रशासन उभ्भा गांव में विकास कार्य कराने में जुटा है। इसी क्रम में आदिवासी बच्चों में शिक्षा की अलख जगाने के लिए उभ्भा गांव में राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय खोलने को हरी झंडी दे दी गई है। करीब 47 करोड़ की लागत से विद्यालय भवन का निर्माण किया जाएगा। शासन स्तर से नामित कार्यदायी संस्था यूपी सिडको जल्द ही निर्माण कार्य शुरू करेगी।
वर्तमान में जिले में चार स्थानों पर राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय संचालित हो रही है। इसके अलावा तीन और स्थानों पर राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय खोलने की योजना बनाई गई है। राबर्ट्सगंज और ओबरा तहसील क्षेत्र में आश्रम विद्यालय निर्माण का प्रस्ताव पहले ही भेजा गया था। बाद में घोरावल तहसील क्षेत्र के उभ्भा गांव में आश्रम विद्यालय पद्धति विद्यालय का प्रस्ताव भेजा गया। तीनों तहसील में आश्रम पद्धति विद्यालय निर्माण के लिए मंजूरी मिलने के साथ ही जमीन की तलास भी कर ली गई है। समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों के मुताबिक शासन स्तर से उभ्भा में आश्रम पद्धति विद्यालय खोले जाने को कार्रवाई तेज कर दी गई है। उभ्भा गांव में विद्यालय निर्माण के लिए सात एकड़ जमीन चिह्नित की गई है। करीब 47 करोड़ की लागत से यहां राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय का निर्माण कराया जाएगा। इसके निर्माण के लिए यूपी सीडको को कार्यदायी संस्था नामित की गई है। विद्यालय निर्माण के लिए धन का इंतजार है। समाज कल्याण अधिकारी रमाशंकर यादव ने बताया कि गरीब बच्चों की पढ़ाई के लिए ऐसे स्कूल शासन स्तर से खोलवाए जाते हैं। कक्षा छह से लेकर 12वीं तक के बच्चों के पढ़ाई की व्यवस्था रहती है। व्यवस्था पूरी तरह से आवासीय होती है। अभी तक जिले में चार आश्रम पद्ति स्कूल संचालित हो रहे हैं।
....
गरीब बच्चों को पढ़ाने के लिए जिले में तीन और पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय खोले जाने हैं। इसके लिए जमीन मिल चुकी है। उभ्भा गांव में सात एकड़ में विद्यालय का निर्माण कार्य होगा। उम्मीद है कि जल्द ही निर्माण शुरू होगा। - रमाशंकर यादव, जिला समाज कल्याण अधिकारी-सोनभद्र।