फिर मौसेरे भाई के हाथ-पैर बांधकर विवाहिता के साथ तीन युवकों ने दुष्कर्म किया। देर शाम उनके चंगुल से छूटकर घर पहुंचे मौसेरे भाई-बहन ने परिजनों को जानकारी दी। रात होने के कारण वो बुधवार को कोतवाली पहुंचे। एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि टीम गठित कर दी गई है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पुलिस के मुताबिक सामूहिक दुष्कर्म में नामजद एक आरोपी मुक्खा फॉल के समीप ही एक गांव का है। वह कुछ समय पहले ही पॉक्सो एक्ट के एक मामले में जमानत पर जेल से छूटकर आया है। अब इस घटना में उसका नाम सामने आने के बाद पुलिस ने सरगर्मी से उसकी तलाश शुरू कर दी है। आरोपियों में एक नाबालिग भी बताया जा रहा है। हालांकि पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी के बाद मेडिकल परीक्षण से कुछ स्पष्ट होगा।
घने जंगलों के बीच स्थित मुक्खा फॉल जितना रमणीय है, उतना ही असुरक्षित भी है। यहां अक्सर आपराधिक गतिविधियां सामने आती रही हैं। करीब डेढ़ दशक पहले यहां वाराणसी के स्टाफ नर्स की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी। इसके पहले एक नरकंकाल मिल चुका है।
मारपीट, चाकूबाजी और गोली चलने की घटनाएं भी आम हैं। सुरक्षा व्यवस्था के लिए कई बार मांग उठी, मगर कोई ठोस पहल नहीं की गई। सूनसान क्षेत्र होने और मोबाइल नेटवर्क के अभाव के कारण अराजक तत्वों के लिए यह जगह काफी मुफीद साबित होता रहा है।
तहसील मुख्यालय से करीब 15 किमी अंदर घने जंगलों में स्थित मुक्खा फॉल पर दूरदराज से लोग घूमने आते हैं। करीब डेढ़ दशक पहले यहां घूमने आई वाराणसी के एक निजी अस्पताल की स्टाफ नर्स की लाश मिली थी। जांच में दुष्कर्म के बाद हत्या की बात सामने आई थी। करीब छह माह पहले सैलानियों के दो गुटों में जमकर चाकूबाजी हुई थी, जिसमें तीन गंभीर रूप से घायल हुए थे। हाल ही में एक युवक का फॉल के पास ही संदिग्ध हाल में शव मिला था, जो कुछ दिन पहले से लापता था। सुरक्षा व्यवस्था के अभाव में लोग घटनाओं के बारे में तत्काल पुलिस को सूचना भी नहीं दे पाते।