शिक्षा, पंचायती राज, स्वास्थ्य सहित कई विभागों में चल रहे अटैचमेंट (संबद्धीकरण) के खेल पर भाजपा नेता ने निशाना साधा है। पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष धर्मवीर तिवारी ने अफसरशाही पर हमला बोलते हुए कहा कि वह इस मामले को मंत्री और मुख्यमंत्री के समक्ष उठाएंगे। कुछ विभागों के अधिकारी निजी हित में कर्मचारियों को अटैच कर व्यवस्था को ध्वस्त कर रहे हैं ताकि सरकार की छवि खराब हो।
पूर्व जिलाध्यक्ष धर्मवीर तिवारी ने कहा कि जिले में जिस तरह से शिक्षा से लेकर पंचायत विभाग में अटैचमेंट का खेल चल रहा है, उससे जिले का बड़ा नुकसान हो रहा है। बेसिक शिक्षा विभाग में कई शिक्षक अपने मूल विद्यालय न जाकर अपने मन मुताबिक स्कूलों व अन्य जगहों पर खुद को अटैच करा लिया है। इनकी संख्या सौ से भी अधिक है। इससे न सिर्फ बच्चों का भविष्य खराब हो रहा है बल्कि आकांक्षी जनपद की रेटिंग पर भी बुरा प्रभाव पड़ रहा है। जिले के पिछड़े ब्लॉक म्योरपुर, दुद्धी, चोपन, नगवां, घोरावल में ऐसी गड़बड़ी सर्वाधिक है। शिक्षकों से सुविधा शुल्क लेकर स्कूल न जाने की छूट दी जा रही है। यह गरीब बच्चों और सरकार के साथ अन्याय है। यही हाल पंचायत विभाग का भी है। यहां भी सफाई कर्मियों को अधिकारी अपने निजी कामों में लगाकर राजशाही व्यवस्था चला रहे हैं। इन दिनों जिले में संचारी माह मनाया जा रहा हैं लेकिन सफाई कर्मी गांव में न जाकर अधिकारियों की ड्यूटी बजा रहे हैं। पूर्व जिलाध्यक्ष भाजपा ने कहा कि भाजपा सरकार में इस तरह की व्यवस्था किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि वह इसकी शिकायत मंत्री व मुख्यमंत्री से करेंगे और दोषियों को दंड भी दिलाएंगे। किसी भी प्रकार से सरकार को बदनाम करने वाले अधिकारी कर्मचारी बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।