उनके पास से ठगी के कुल 82650 रुपये नकद, 255.95 ग्राम पीली व सफेद धातु के जेवर, लोहे की रिंग 58 पीस, सफेद ताबीज की पुड़िया 06 पीस और उर्दू में छपे मंत्र वाला कागज 02 पैकेट, सफेद धातु में रंगीन नग लगी अंगूठी 53 पीस आदि बरामद हुआ है।
पूछताछ के बाद सभी का चालान कर दिया गया। इस सराहनीय कार्य को करने वाली पुलिस टीम को एसपी ने 25 हजार रुपये से पुरस्कृत किया। पुलिस टीम में म्योरपुर थानाध्यक्ष अश्वनी तिवारी, एसओजी प्रभारी देवेंद्र सिंह और सर्विलांस प्रभारी अमित सिंह आदि शामिल रहे।
पुलिस ने बताया कि ठग गिरोह का सदस्य महबूब खान उर्फ छोटू सबसे पहले बृजेश के संपर्क में आया। अपनी ज्योतिष विद्या के झांसे में फंसाकर उसके घर गया। वहां उसने घर में सोने और चांदी से भरा घड़ा दबा होने की बात कही। इस पर वह घर की मिट्टी लेकर दुद्धी स्थित डीआर पैलेस गया और बोला की पूजा करना पड़ेगा, जिसके लिए 1.60 लाख रुपये चाहिए।
बृजेश ने उसे 1.30 लाख व कुछ गहने दिए। कुछ दिनों बाद दूसरी पूजा और तीसरी पूजा के नाम पर 5.90 लाख रुपये, कपड़ा, मेवा आदि बिहार के गया में मंगाया। इसके बाद 25 जून को घर आकर खजाना निकालने की बता कही। हर पूजा के बाद वह बृजेश के ही रुपयों और गहनों को डिब्बे में बंद करके देता था और घर के कोने में गाड़ने के लिए बोलता। ठग के न आने पर जब 27 जून को डिब्बों को खोदकर निकाला तो उसमें आटा भरा देख बृजेश को ठगी का अहसास हुआ।