घोरावल तहसील क्षेत्र में बेलन नदी के बाढ़ से डूबा मझिगवां चौहान मार्ग पर बना पुल।संवाद
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बेलन और बकहर नदी का जलस्तर बढ़ने से 35 से अधिक गांवों में आवागमन बंद हो गया है। वहीं बकहर नदी में बाढ़ के कारण दूसरे दिन सोमवार को भी घोरावल-मिर्जापुर मार्ग पर आवागमन ठप रहा। इससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बेलन नदी में बाढ़ से शिवद्वार मार्ग पर धरसड़ा गांव में पुल के दोनों तरफ सड़क पर छह फीट पानी भरने से दर्शनार्थियों को बीच रास्ते से लौटना पड़ा। कोहरथा मार्ग, मंदहा मार्ग, गुरुवल मार्ग पर बेलन नदी पर बने पुल पूरी तरह डूब गए हैं। इससे दर्जनों गांवों से आवागमन बंद है। बेलन नदी में बाढ़ के कारण नदी के तटवर्ती गांवों कुसुमा, मंदहा, भरौली, कनेटी, डेढ़ी, मरसड़ा खड़देउर, डोरिहार, मझिगवा चौहान, बहेरी सहित दो दर्जन से अधिक गांवों में हजारों एकड़ फसल डूबने से भारी क्षति हुई है। किसानों ने बताया कि उनकी सब्जी की फसल मिर्च, टमाटर, कद्दु आदि की फसल तैयार थी। बाढ़ से भारी नुकसान हुआ है। वहीं धान की हजारों एकड़ फसल नदी में डूबने से भारी क्षति हुई है। इलाके के किसानों ब्रह्मदेव मौर्य, राधेश्याम मौर्य, जमुना प्रसाद, दूधनाथ दुबे, कृष्ण चंद्र, रविंद्र मौर्य, अमरेश चंद्र, उमेश चंद परमहंस आदि किसानों ने जिला प्रशासन से क्षति का मूल्यांकन कराने और आवश्यक सहायता राशि मुहैया कराने की मांग की है। इस संबंध में एसडीएम सुशील यादव का कहना है कि बाढ़ से प्रभावित लोगों को चिह्नित किया जा रहा है। बाढ़ से प्रभावित इलाकों में लेखपाल समेत अन्य कर्मी कैंप कर रहे हैं।