जिले में धान की खेती करने वाले किसानों की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रहीं। चुनावी सीजन में एक तरफ जहां किसानों के हितों की रक्षा पर जोर दिया जा रहा है तो दूसरी ओर धान बेचने और भुगतान पाने के लिए ही किसान परेशान हैं। जैसे-तैसे तौल कराने के बाद वह अंगूठा लगाने को वे भटक रहे हैं।
लोकसभा का चुनाव हो चाहे विधानसभा का किसानों का मुद्दा खूब जोर-शोर से उठता रहा है। वहीं किसी की नजर किसानों को होने वाली परेशानियों पर नहीं जाता है। ऐसे में किसान भी खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। जिले के धान की खेती बड़े स्तर पर होती है लेकिन किसानों को अपनी फसल लेकर अब भी यहां बेचने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं काफी संख्या में ऐसे किसान हैं, जिनके धान तौल के बाद भी अंगूठा नहीं लगवाया जा रहा है।
35 से 40 किमी दूर धान बेचने आ रहे किसान
जिले में किसानों को अपने फसल को बेचने के लिए 40 किमी तक की यात्रा कर राबर्ट्सगंज आना पड़ रहा है। ज्यादातर क्रय केंद्र बंद होने के बाद उनकी परेशानी बढ़ी है। शुक्रवार को रावर्ट्सगंज मंडी परिसर में राजकीय धान क्रय केंद्र पर राकी, रामगढ़, ऊंची व अन्य जगहों से किसान धान से लदे ट्रैक्टर के साथ मौजूद रहे। वहीं कई किसान ऐसे थे जो अंगूठा लगाने को लेकर परेशान थे। शुक्रवार को चतरा ब्लाक के इमिलिया निवासी किसान पनेश्वर भी धान बेचने के लिए परेशान रहे।
किसान मंच ने पीसीएफ प्रबंधक को लिखा पत्र
धान तौल कराने के बाद भी अंगूठा न लगाने जाने से परेशान किसानों की समस्याओं को लेकर शुक्रवार को पूर्वांचल नव निर्माण मंच व किसान मंच ने पीसीएफ प्रबंधक को पत्र लिया। मंच के नेता गिरीश पांडेय व रमाकांत त्रिपाठी ने पत्र के जरिए खरीदे गए धान का सत्यापन कराते हुए अंगूठा लगवाने की मांग की है। कहा कि पीसीएफ कोन लैंपस पर किसान हरिशंकर वर्मा ने 100 क्विंटल, राजकिशोर विश्वकर्मा ने 40 क्विंटल, अंबिका ने 23 क्विंटल, ओमप्रकाश ने 100 क्विंटल, राजीव नयन ने 60 क्विंटल धान उतार दिया है, जिसका अंगूठा अभी तक नहीं लग सका है। इसी तरह विजय शंकर, अर्चना जायसवाल, निखिल कुमार, अनिल कुमार, आशा देवी, सुनील कुमार सहित कई किसान धान बेचने के लिए इंतजार कर रहे हैं। किसान अब निराश होकर बाजार में औने-पौने दामों पर धान बेचने को विवश हो रहे हैं। पीसीएफ प्रबंधक रवि प्रताप सिंह ने फोन पर वार्ता में उन्हें आश्वस्त किया कि समितियों पर उतारे गए धान का सत्यापन कराकर किसानों से अंगूठा लगवाया जाएगा।