एनसीएल अमलोरी क्षेत्र के खदान में पलटा पानी टैंकर।
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शक्तिनगर। एनसीएल अमलोरी क्षेत्र के दो कोयला भंडारों में मंगलवार को आग से कोल प्रबंधन में खलबली मच गई है। पहला कोयला भंडार प्रोजेक्ट के कोल हैंडलिंग प्लांट (सीएचपी) के पास और दूसरा भंडार खदान क्षेत्र में मौजूद है। इन भंडारों में कई लाख टन कोयला जमा है।
देश में कोयला संकट के बीच एनसीएल के कई आंतरिक कोयला भंडारों में बदइंतजामी के चलते आग हजारों टन कोयले को राख कर रही है। हालिया मामला अमलोरी कोयला क्षेत्र का है। कोल कर्मचारियों की मानें तो नियमों को शिथिल कर कोयला भंडारण किया गया। समय से इसका उठान नहीं हो पाने व भंडारण नियम के उल्लंघन के चलते आग लगी और दायरा बढ़ता गया। मंगलवार को खदान क्षेत्र के कोल भंडार में लगी आग को ठंडा कर कोयला उठाने का प्रयास किया जा रहा था। इसी दौरान दोपहर सवा दो बजे के करीब 70 हजार लीटर पानी लेकर आग पर काबू पाने पहुंचा उच्च भार वहन क्षमता का टैंकर पलट गया। इसके चलते मौके से कई जिम्मेदार भाग खड़े हुए। घटना में घायल टैंकर (हालपैक) आपरेटर रियाज अहमद (38) व संविदा कर्मी जगदीश कुशवाहा (32) को चोटें आईं। सूचना पर पहुंचे अधिकारियों ने दोनों घायलों को एनसीएल के नेहरू शताब्दी चिकित्सालय में भर्ती कराया। कोयला प्रोजेक्ट के कर्मचारियों ने बताया कि आग पहले सीएचपी के पास स्थित भंडार में लगी। बाहरी हिस्से में भंडार होने से हो हल्ला हुआ तो काबू पाने का प्रयास शुरू किया गया। इसी बीच खदान क्षेत्र के कोयला भंडार में आग भड़की। कर्मियों की मानें तो आग से एक लाख टन से अधिक कोयला राख हो चुका है। आग पर काबू पाने के इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं। इसी वजह से जलते कोयले पर पानी डालकर ठंडा किया जा रहा है और भंडार खाली करने की कोशिश की जा रही है।