इसके चलते जहां तमाम लोगों को वापस लौटना पड़ा। वहीं, कई ऐसे लोग थे जिन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। दोपहर एक बजे के करीब सपा के पूर्व विधायक रमेश दुबे वहां पहुंच गए। यह देख लोगों ने उन्हें घेर लिया और उनसे खाद दिलवाने की मांग शुरू कर दी। किसानों की आमदनी दोगुना मत करो, हमारे पुराने दिन लौटा दो... लिखी तख्ती लेकर वह किसानों के साथ धरने पर बैठ गए।
उनका कहना था कि जब तक यूरिया की खेप पहुंच नहीं जाती तब तक धरना जारी रहेगा। उन्होंने इसको लेकर फोन के जरिए अधिकारियों से बात भी की। एसडीएम आशीष त्रिपाठी ने पूर्व विधायक और किसानों से वार्ता करने के साथ ही दो दिन में पर्याप्त खाद उपलब्ध करवाने का भरोसा दिया तब जाकर लोग धरने से उठने को तैयार हुए।
गरमाई सियासत, जानिए किसने क्या कहा
एक हजार किसानों के बीच 400 बोरी यूरिया कैसे बंटेगी यह जिम्मेदारों को समझना चाहिए था। वह भी यह खाद तब पहुंची थी जब उन्होंने इसको लेकर लखनऊ तक आवाज उठाई थी। सत्तापक्ष के विधायक कह रहे हैं कि कहीं खाद की कमी नहीं है। भ्रम फैलाया जा रहा है। जबकि सच्चाई यह है कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी ही नहीं है। वह ज्यादातर समय वाराणसी में बिता रहे हैं। - रमेश दुबे पूर्व सपा विधायक, घोरावल।
कहीं कोई किल्लत नहीं है। सिर्फ बाहरी आवरण बनाया जा रहा है। जिला मुख्यालय सहित सभी जगह पर्याप्त खाद उपलब्ध है। जहां जितनी जरूरत है उतनी खाद पहुंच रही है। - अनिल मौर्य, भाजपा विधायक घोरावल।
क्षेत्र से यूरिया-डीएपी की आ रही मांग को देखते हुए वह पीसीएफ गोदाम पर पहुंचे थे। पाया कि जहां जितनी जरूरत है, वहां उतनी खाद भेजी जा रही है। किसान धैर्य रखें। उन्हें जितनी जरूरत है उतनी खाद उपलब्ध कराई जाएगी। - भूपेश चौबे, विधायक राबर्टसगंज