ऊर्जांचल में बुखार जानलेवा बनता जा रहा है। एक सप्ताह में ही बुखार से पीड़ित दो छात्राओं की मौत से लोग सहम गए हैं। अब भी विद्यालय की कई छात्राएं बुखार से पीड़ित हैं।
अनियमित मौसम व गंदगी की भरमार के कारण एक पखवारे से अधिक समय से ऊर्जांचल में बुखार का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। सर्दी-खांसी, बुखार आदि संक्रामक बीमारियां हर घर पहुंच चुकी है। इस बीच बुखार के जानलेवा रुख इख्तियार कर लेने से स्थिति खराब होती हा रही है। बुखार से पीड़ित जीआईसी मेें कक्षा 11 की छात्रा बैरपान निवासी सुनीता पुत्री सीताराम की चार सितंबर को हुई मौत के सदमे से अभी अध्यापक व विद्यार्थी उबर भी नहीं पाए थे कि बुधवार रात में वाराणसी में उपचार के दौरान कक्षा 12 की छात्रा परासी डीह बाबा निवासी नाजरीन खातून पुत्री अलाउद्दीन ने भी दम तोड़ दिया।
इससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। विद्यालय के प्रधानाचार्य विवेकानंद मिश्रा ने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह शोक सभा कर विद्यालय में अवकाश घोषित कर दिया गया। उन्होंने बताया कि छात्रा अर्चना भी बुखार से संक्रमित है। शिक्षक-अभिभावक संघ के अध्यक्ष डॉ. बालकिशुन व पूर्व अध्यक्ष राजेश गुप्ता ने सीएमओ का ध्यान आकृष्ट कराते हुए विद्यालय में शिविर लगाकर छात्र-छात्राओं की जांच व दवा वितरण की मांग की है।
म्योरपुर के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शिशिर श्रीवास्तव ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की मोबाइल जांच टीम द्वारा लगातार क्षेत्र का दौरा कर जांच किया जा रहा है। नगरीय के साथ दूरस्थ इलाकों में भी टीम जा रही है। जीआईसी में भी टीम को भेजकर छात्र-छात्राओं की जांच कराई जाएगी।