दुद्धी। यूरिया खाद की किल्लत से परेशान किसानों का सब्र सोमवार को टूट गया। सैकड़ों महिला-पुरुष किसान सड़क पर उतर आए और तहसील मोड़ स्थित दुद्धी चौकी के पास नेशनल हाईवे-39 पर सुबह 11.50 बजे से जाम लगा दिया। इससे हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। करीब आधे घंटे तक मार्ग पर आवागमन बाधित रहा। कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने भीड़ को तहसील में डायवर्ट किया।
विरोध प्रदर्शन में शामिल किसान ब्रजेश कुशवाहा, गौरी शंकर कुशवाहा, कामेश्वर मौर्य, दुम्हान प्रधान सरजू सिंह, जियुत कुमार मौर्य, अरुण कुमार चौबे, विकास भारती, बृजकिशोर, राम गोबिंद कुशवाहा, सूरजमन, रन्नू, हरिलाल झारोखुर्द का कहना है कि पांच दिनों से क्रय विक्रय समिति और लैंपस में सुबह से शाम तक यूरिया खाद के लिए सैकड़ों किसान चक्कर लगा रहे हैं। पिछले सप्ताह शुक्रवार को ही क्रय विक्रय समिति व लैंपस में 200-200 बोरी खाद आई है। मगर खाद का वितरण नहीं किया जा रहा है। किसानों का आरोप है कि महुली लैंपस में 500 रुपये लेकर एक बोरी यूरिया बेची जा रही है। प्राइवेट में महंगे दामों में यूरिया और डीएपी की बिक्री की जा रही है। महंगे दाम पर बेचने वाले प्राइवेट दुकानदार रसीद नहीं दे रहे हैं। किसानों का कहना है कि प्राइवेट दुकानों में खाद का पर्याप्त स्टॉक है, ऐसे में सभी को जब्त कर सरकारी दर पर बिक्री की जाए। किसानों के साथ दोहरी राजनीति बर्दाश्त नही की जाएगी। उधर, संपूर्ण समाधान दिवस में एसडीएम निखिल यादव से किसानों ने कहा कि मिर्जापुर में मालगाड़ी से खाद की बोरियां आती हैं। मालगाड़ी को सोनभद्र ट्रैक पर भेजा जाए और किसानों को मांग के अनुरूप खाद उपलब्ध कराई जाए।
तहसील क्षेत्र के अमवार, बघाडू, खजूरी, दुम्हान, महुली, दुद्धी अलग-अलग क्रय केंद्र पर एक साथ यूरिया का वितरण मंगलवार को किया जाएगा। जहां 200 बोरी खाद है, वहां सैकड़ों किसान पहुंच जा रहे, इसलिए दिक्कत हो रही हैं। मंगलवार को नायब तहसीलदार, कानूनगो, लेखपाल और पुलिस बल की मौजूदगी में खाद का वितरण कराया जाएगा। लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। - निखिल यादव, एसडीएम-दुद्धी।
बहुअरा स्थित समिति पर छह घंटे बाद खाद वितरण शुरू हुआ
सोनभद्र/केकराही। धान की रोपाई किए किसान खेत में खाद डालने के लिए परेशान हैं। सोमवार को साधन सहकारी समितियां खुलने पर बड़ी संख्या में किसानों की भीड़ उमड़ पड़ी। मगर किसानों को मांग के अनुरूप खाद उपलब्ध नहीं हो सकी। बहुअरा समिति पर करीब छह घंटे के बाद खाद वितरण शुरू हुआ। रॉबर्ट्सगंज ब्लॉक के बहुअरा स्थित साधन सहकारी समिति में खाद आने की सूचना पर सोमवार की सुबह सात बजे से ही किसान पहुंचने लगेे। सुबह 11 बजे तक सचिव सुमन पटेल समिति पर नहीं पहुंची थीं। इसको लेकर किसानों में नाराजगी देखी गई। किसान सचिव को फोन मिलाते रहे, मगर फोन नहीं उठा। दोपहर में सचिव समिति पर पहुंची। इसके बाद किसानों की सूची बनाते हुए हुए दोपहर में ढाई बजे के बाद खाद का वितरण शुरू किया गया। किसान एवं सामाजिक कार्यकर्ता रामपति मौर्य, शिवप्रसाद, शिवशंकर, मनोज विश्वकर्मा, रामेश्वर, हरिनारायण आदि किसानों ने बताया कि सचिव की तरफ से बड़े किसानों को पांच बोरी डीएपी और पांच बोरी यूरिया दी जा रही है। वहीं, छोटी जाेत के किसानों को दो-दो बोरी डीएपी और यूरिया दी जा रही है। शाम तक किसानों को खाद दी गई। सचिव सुमन के मुताबिक 500 बोरी यूरिया और 300 बोरी डीएपी उपलब्ध है, जिसे किसानों में वितरित की जा रही है। केकराही प्रतिनिधि के अनुसार, करमा ब्लॉक के किसान महंगे दाम पर खाद खरीदने को विवश हैं। करता ब्लॉक के केकराही, खैराही, पगिया रोड आदि स्थानों पर प्राइवेट दुकानदारों की तरफ से 400 रुपये प्रति बोरी यूरिया बिक्री की जा रही है। जबकि शासन की तरफ से एक बोरी यूरिया का मूल्य 267 रुपये निर्धारित है। इस संबंध में बी-पैक्स करमा के प्रभारी सचिव धीरज त्रिपाठी ने तीनों समिति केकराही, करमा, पापी, और फुलवारी में यूरिया उपलब्ध होने का दावा किया। मगर केवल उन्हीं किसानों को खाद दी जा रही है, जो समिति के सदस्य हैं और जिनके पास चेकबुक है। किसानों ने जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए निर्धारित दाम पर यूरिया उपलब्ध कराने एवं ऊंचे दाम पर खाद बेचने वाले दुकानदारों पर कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
200 बोरी मिली खाद, लेने पहुंचे 500 किसान
बभनी। बाजार स्थित लैंपस पर सोमवार को खाद लेने के लिए बड़ी संख्या में किसानों की भीड़ जुट गई। किसानों की भीड़ को देखते हुए सचिव ने खाद बांटने से इन्कार कर दिया। दो बजे तक सचिव ने लैंपस का ताला नहीं खोला और बाहर बैठे रहे। बभनी लैंपस के सचिव शिवप्रसाद ने बताया कि 200 बोरी यूरिया मिली है। जबकि 500 किसानों की भीड़ खाद लेने के लिए जुटी हुई है। इस दशा में खाद बांट पाना संभव नहीं है। उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया जाएगा कि इस दशा में खाद नहीं बंट पाएगी। इसी तरह चपकी, चैनपुर तथा सागोबांध लैंपस पर खाद लेने के लिए किसानों की भीड़ लगी रही। मगर खाद कम होने की दशा में वितरण करने में असमर्थ हो जा रहे हैं। किसान भोला, रामजी, राजेन्द्र प्रसाद, जवाहिर, विनेश कुमार, दिनेश ने बताया कि खाद के लिए सुबह से आए हैं, लेकिन नहीं मिल सकी।
खाद वितरण नहीं होने पर किसानों ने किया प्रदर्शन
विंढमगंज। क्षेत्र के सलैयाडिह स्थित बहु-उद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति पर खाद उपलब्ध कराए जाने की मांग को लेकर सोमवार को किसानों ने प्रदर्शन किया। किसानों ने यूरिया नहीं मिलने पर नाराजगी जताई। किसानों का आरोप है कि रविवार को एक ट्रक खाद आई है, लेकिन वितरण नहीं की जा रही है। किसान केंद्र के पास इंतजार कर रहे हैं। सलैयाडीह में दोनों दुकानें बंद हैं। किसानों ने नारेबाजी व प्रदर्शन किया। किसान पप्पू गुप्ता ने बताया कि बड़ी संख्या में किसान सुबह से खाद के लिए बैठे हैं, लेकिन सचिव नहीं हैं। फोन भी स्विच ऑफ जा रहा है। खाद नहीं बंटने से दूरदराज से किसान परेशान रहे। मेदनीखाड़ लैंपस के सचिव नारायण यादव ने बताया कि लगभग 200 बोरी खाद आई है। क्रय विक्रय सहकारी समिति के सचिव सुरेश यादव ने बताया कि केंद्र पर 120 बोरी खाद आई है। विंढमगंज लैम्पस के सचिव दीपनारायण यादव ने बताया कि 200 बोरी खाद सुबह मिली है, वितरण के लिए मेसेज नहीं आया है। उपलब्ध खाद की बोरी से तीन गुना किसानों की लाइन है, इससे वितरण में भगदड़ हो सकती है। हमने इस बाबत उच्चाधिकारियों को अवगत कराया है। प्रशासन की मौजूदगी में खाद का वितरण किया जाएगा।