धान खरीद में गड़बड़ी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे। पहले किसान हाइब्रिड धान बेचने के लिए परेशान थे। बाद में किसी तरह उनकी उपज की खरीद शुरू हुई। अब सामान्य धान बेचने वालों को भी हाइब्रिड की पर्ची ही थमाई जा रही है। किसान इसे देखकर सकते में हैं। मामले की शिकायत डीएम तक पहुंची है। डीएम ने इसकी जांच का निर्देश दिया है।
जिले में धान खरीद को लेकर शुरू से ही किसान परेशान रहे हैं। पहले समितियों पर हड़ताल, बोरों की कमी से खरीद प्रभावित रही तो फिर रोजाना बदलते नियमों ने उन्हें परेशान किया। कई-कई दिनों तक उपज लेकर क्रय केंद्र के बाहर किसानों को इंतजार करना पड़ रहा है। हाइब्रिड धान को सरकारी केंद्रों पर लेने से सीधे इनकार किया जाता रहा है। तब केंद्र प्रभारियों की दलील थी कि उन्हें इस बारे में कोई आदेश नहीं मिला है। अहम बात है कि अब हाइब्रिड धान की खरीद शुरू हुई है तो केंद्र प्रभारी सामान्य श्रेणी के धान की तौल के बाद हाइब्रिड की ही पर्ची थमा रहे हैं। सामान्य धान की खेती करने वाला किसान पर्ची में हाइब्रिड अंकित देख सकते में हैं। इस खेल में कई मिलर भी शामिल बताए जा रहे हैं।
सदर तहसील क्षेत्र के कैथी गांव निवासी संतोष पटेल ने डीएम को शपथ पत्र देकर इसकी शिकायत भी की है। उनका आरोप है कि 25 जनवरी को मंडी परिसर स्थित क्रय केंद्र पर उन्होंने अपना और अपनी माता शकुंतला देवी के नाम से मसूरी (सामान्य) धान की तौल कराई। ऑनलाइन पावती रसीद काफी दबाव बनाने पर तीन फरवरी को दिया गया। केंद्र प्रभारी की ओर से उन्हें हाइब्रिड धान की पर्ची जारी की गई है। यह स्थिति सिर्फ एक किसान की ही नहीं है। कई अन्य किसान भी इससे पीड़ित हैं। आरोप है कि सामान्य धान को आर्थिक दूरभिसंधि के तहत कागजी तौर से हाइब्रिड धान में परिवर्तित किया जा रहा है। धान खरीदी में किसान की उपज की प्रति बोरी 500 ग्राम अतिरिक्त धान जबरदस्ती लिया जा रहा है। मामला संज्ञान में आने पर डीएम टीके शिबू ने एडीएम को जांच कर आख्या उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
साढ़े 28 हजार किसानों से खरीद गया धान
शासन ने अंतिम समय में साढ़े 14 हजार मीट्रिक टन का लक्ष्य तो बढ़ा दिया है लेकिन 75 क्रय केंद्र बंद हो गए हैं। अब सिर्फ 25 क्रय केंद्रों पर ही 28 फरवरी तक धान की खरीद की जाएगी। शासन ने जिला प्रशासन को खरीफ वर्ष 2021-22 में 155, 580 मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य दिया था। धान खरीद के लिए 100 क्रय केंद्र बनाए गए थे। इसमें खाद्य विभाग की 26 केंद्र, एफपीओ, एफपीसी के 10 केंद्र, पीसीएफ के 48 केंद्र, पीसीयू के 15 और भारतीय खाद्य निगम के एक क्रय केंद्र पर धान खरीद किया जा रहा था। धान बेचने के लिए करीब 30 हजार किसानों ने पंजीकरण कराया है। इसमें अब तक 28500 किसानों से धान खरीद की जा चुकी है।
नवीन मंडी समिति में स्थित एक क्रय केंद्र पर संतोष ने धान विक्रय किया है। नियमानुसार धान खरीद किया गया है। उनके द्वारा लगाया गया आरोप निराधार है। शिकायत की जांच कराकर आख्या उच्चाधिकारियों को दी जाएगी। - संजय पांडेय, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी।