इसके बाद देर शाम पौने आठ बजे ओमप्रकाश ने घोरावल पुलिस को सूचना दी कि वह पांच लाख रुपये लेकर घर जा रहा था। करीब पौने छह बजे नेवारी गांव में निर्जन स्थान पर बाइक सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने उसे रोक लिया। असलहा सटाकर पांच लाख रुपये लूटकर फरार हो गए।
लूट की खबर मिलते ही सीओ संजीव कटियार, प्रभारी निरीक्षक गोपालजी गुप्ता, चौकी इंचार्ज वंशनारायण राय पुलिस फोर्स के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। जांच में मामला संदिग्ध लगा। पुलिस ने जब ओमप्रकाश से सख्ती से पूछताछ की तो उसने सच्चाई उगल दी। बताया कि उसने रुपये हड़पने के लिए लूट की साजिश रची थी।
सीओ संजीव कटियार ने बताया कि आरोपी ओमप्रकाश मौर्या की निशानदेही पर तीन लाख रुपये उसके घर से और दो लाख रुपये वाराणसी से बरामद कर बीज कंपनी संचालक मनोज मौर्या को सौंप दिया गया है। पुलिस को लूट की फर्जी सूचना देकर गुमराह करने वाले ओमप्रकाश मौर्या का चालान कर दिया गया है।
ओमप्रकाश मौर्या पांच भाई है। सभी भाइयों को मिलाकर 42 बीघा जमीन है। उसने बताया कि घटना के समय वह शराब के नशे में था और पांच लाख रुपये हड़पना चाहता था। अनाज व्यापारी से रुपये लेकर उसने तीन लाख रुपये झोले में भरकर जमीन में गाड़ दिया। दो लाख रुपये एक रिश्तेदार को दे दिया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी कि बाइक सवार दो बदमाशों ने असलहा सटाकर उससे पांच लाख रुपये लूट लिए।