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Sonebhadra News: संपत्ति की हर दूसरी रजिस्ट्री महिलाओं के नाम

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महिलाएं अब सिर्फ कहने के लिए गृह लक्ष्मी नहीं हैं। संपत्ति में उनकी भागीदारी लगातार बढ़ रही है। परिवार में कोई भी नई संपत्ति खरीदी जा रही है तो उसकी मालकिन महिलाएं ही बन रही हैं। जिले के रजिस्ट्री कार्यालयों में हर माह 50 फीसदी से अधिक बैनामे महिलाओं के नाम पर हो रहे हैं। पहले यह आंकड़ा 20-25 फीसदी ही था।
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जिले की चार तहसीलों में तीन उप निबंधक कार्यालय राबर्ट्सगंज, दुद्धी और घोरावल में संचालित हैं। किसी भी संपत्ति की खरीद-बिक्री से संबंधित दस्तावेजों का पंजीयन इन्हीं के माध्यम से होता है। संपत्ति रजिस्ट्री कराने के मामले में महिलाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। इस साल जनवरी से अब तक के आंकड़ों पर गौर करें तो यह संख्या 50 फीसदी से भी अधिक है। राबर्ट्सगंज उप निबंधक कार्यालय में छह मार्च तक 1631 संपत्तियों की रजिस्ट्री हुई है। इसमें 879 महिलाओं के नाम हैं। घोरावल में कुल 674 में से 330 बैनामे महिलाओं के नाम हुए हैं। दुद्धी में 560 रजिस्ट्री में महिलाओं के नाम करीब 228 हैं। विभागीय अधिकारियों की मानें तो महिलाओं के नाम पर संपत्ति खरीदने में रुझान के पीछे उन्हें मिल रही छूट भी एक प्रमुख वजह है। दस लाख तक की संपत्ति की रजिस्ट्री पर महिलाओं को स्टांप शुल्क में सामान्य दर से एक प्रतिशत की अतिरिक्त छूट मिलती है। इसके अलावा महिलाओं के नाम पर संपत्ति को सुरक्षित माना जाना भी वजह है।
गत तीन माह के आंकड़े
तहसील: कुल रजिस्ट्री : महिलाओं के नाम
राबर्ट्रसगंज: 1631: 879
घोरावल: 674: 330
दुद्धी: 560: 228
कुल: 2860: 1437

यकीनन समाज की धारणा बदल रही है। महिलाओं के नाम पर संपत्ति करने को लोग तरजीह दे रहे हैं। इसके पीछे सरकार से मिल रही छूट भी एक वजह है। दान पत्र के माध्यम से भी महिलाओं के नाम संपत्ति अधिक की जा रही है। -आनंद शुक्ला, उप निबंधक, राबर्ट्सगंज।
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