मौसम में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव का असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। जिले में बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द, उल्टी-दस्त और यूरिनरी इन्फेक्शन के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग में आने वाला लगभग हर 20वां मरीज बुखार से पीड़ित पाया जा रहा है। चिकित्सक लोगों को साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने, बासी और फ्रिज में रखे भोजन से परहेज करने तथा पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दे रहे हैं। कभी तेज धूप, कभी उमस और कभी बादलों के कारण मौसम लगातार बदल रहा है, जिससे मौसमी बीमारियां तेजी से फैल रही हैं। मेडिकल कॉलेज में वायरल फीवर, सिरदर्द, बदन दर्द और उल्टी-दस्त के मरीज बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। इसके अलावा कम पानी पीने की वजह से यूरिनरी इन्फेक्शन के मामले भी बढ़े हैं, जिसके कारण कई मरीज बुखार की चपेट में आ रहे हैं।
चिकित्सकों के अनुसार इन दिनों टाइफाइड के मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। मेडिकल कॉलेज में बुखार के जिन मरीजों की जांच की जा रही है, उनमें बड़ी संख्या टाइफाइड से प्रभावित लोगों की है। ऐसे मरीजों को शुद्ध या बोतलबंद पानी पीने तथा पानी को कम से कम एक मिनट तक उबालकर सेवन करने की सलाह दी जा रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से गर्म और ताजा भोजन खाने, शौच के बाद तथा भोजन बनाने से पहले साबुन से हाथ धोने की अपील की है। साथ ही फल और सलाद को अच्छी तरह साफ पानी से धोकर तथा संभव हो तो छिलका उतारकर खाने की सलाह दी गई है। खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों और पेय पदार्थों से भी बचने को कहा गया है।
Iवर्तमान मौसम बीमारियों को बढ़ावा देने वाला है। इससे बचने के लिए साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें, पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें और बासी या फ्रिज में रखा भोजन खाने से बचें। ताजा भोजन को प्राथमिकता दें। मधुमेह के मरीज आम का सेवन न करें। — डॉ. राहुल सिंह, असिस्टेंट प्रोफेसर, मेडिसिन विभाग, मेडिकल कॉलेज।I