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नगर पंचायत दुद्धी में हटाया गया अतिक्रमण, हुई नोकझोंक

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नगर पंचायत सीमा अंतर्गत मुख्य सड़क की पटरियों पर अवैध अतिक्रमण के खिलाफ बुधवार को भारी पुलिस फोर्स की उपस्थिति में प्रशासन का बुलडोजर गरजा। इस बीच प्रशासन के खिलाफ सत्तापक्ष के कई युवा नेता मुखर होकर योगी सरकार को बदनाम करने का आरोप लगाते हुए नोकझोंक करते भी दिखे। इसके बावजूद कार्रवाई जारी रही। चेयरमैन के बड़े भाई के घर के सामने अतिक्रमण को भी बुलडोजर से ढहवा दिया गया।
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करीब पखवाड़े भर पूर्व तहसील सभागार में प्रशासन ने व्यापारियों एवं बस-टेंपो मालिकों संग बैठक कर पटरियों को अतिक्रमण मुक्त करने की बात कही थी। इसके बाद नगर पंचायत प्रशासन पटरियों पर अतिक्रमित एरिया को चिह्नित कर निशान लगाकर शांत हो गया। बुधवार को अतिक्रमण के खिलाफ अचानक बुलडोजर चलने की सूचना मिलते ही फुटपाथ व्यवसायियों में हड़कंप मच गया। एसडीएम शैलेंद्र कुमार मिश्रा की अगुवाई में तहसीलदार ब्रजेश कुमार वर्मा, ईओ भारत सिंह, कोतवाल राघवेंद्र सिंह ने भारी पुलिस फोर्स के साथ मां काली मंदिर मुहाल से अभियान की शुरुआत की। अतिक्रमण की जद में जो आया उसके छप्पर, टीनशेड तोड़ दिए गए। अभियान के दरमियान चेयरमैन राजकुमार अग्रहरि के बड़े भाई कन्हैया लाल अग्रहरि, शिवनाथ समेत कई अन्य प्रभावी लोगों के अतिक्रमण पर भी नरमी नहीं बरती गई। अफसरों का रुख देख लोग खुद से अपने अतिक्रमण हटाते रहे। प्रेमचंद आढ़ती के प्रतिष्ठान के आगे खपरैल छप्पर और भाजपा नेता सूरज देव सेठ के प्रतिष्ठान के बाहर टीन शेड गिराने के दौरान विरोध भी झेलना पड़ा। नगर के लोगों ने बिना सूचना के कार्रवाई किए जाने पर भी आपत्ति जताई। अधिकारियों नेे किसी तरह समझा बुझाकर मामला शांत कराया। पहले दिन का अभियान श्री संकट मोचन मंदिर चौक तक चलाकर रोक दिया गया। एसडीएम ने कहा कि अभियान अनवरत जारी रहेगा। अतिक्रमण को लोग स्वयं हटा लें और सहयोग करें। अवरोध उत्पन्न करने वालों पर सरकारी काम में बाधा डालना मानते हुए वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री से करेंगे शिकायत
दुद्धी। पटरियों पर अतिक्रमण के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के खिलाफ भाजपा से जुड़े लोग मुखर हो उठे। दीपक शाह, सूरजदेव सेठ समेत कई कार्यकर्ताओं ने अतिक्रमण दस्ते पर योगी सरकार को बदनाम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि फुटपाथी व्यवसायी को उजाड़ने का आदेश सरकार ने नहीं दिया है। इन्हें उजाड़ने के बाद इन गरीब परिवारों को रोजी-रोटी कौन मुहैया कराएगा। उन्होंने कहा कि इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से की जाएगी।
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