कोल इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष प्रमोद अग्रवाल ने कहा है कि कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनियां अपने कामकाज में नई तकनीक का इस्तेमाल करें एवं डिजिटाइजेश व इनोवेशन को बढ़ावा दें। कोल इंडिया मुख्यालय में ‘टेक्नोलॉजी रोडमैप’ विषय पर आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए उन्होंने ये बातें कहीं।
उन्होंने कहा कि किसी भी संस्थान के विकास की बुनियाद इस बात पर निर्भर करती है कि उस संस्थान में टेक्नोलॉजी, डिजिटाइजेशन और इनोवेशन को कितना बढ़ावा दिया जाता है। कार्यशाला में कोल इंडिया के निदेशक (विपणन) एसएन तिवारी, निदेशक (तकनीकी) बी. वीरारेड्डी, मुख्य सतर्कता अधिकारी एसके साडंगी, सलाहकार (वित्त) संजीव सोनी और कोयला मंत्रालय के सलाहकार (परियोजना) आनंदजी प्रसाद उपस्थित थे।
निदेशक (तकनीकी) बी. वीरारेड्डी ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2024-25 तक एक बिलियन टन कोयला उत्पादन के कोल इंडिया के बड़े लक्ष्य को हासिल करने के लिए नई तकनीक का इस्तेमाल बेहद अहम है। कोयला मंत्रालय के सलाहकार (परियोजना) आनंदजी प्रसाद ने कहा कि देश को कोयला उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के लिए यह बेहद अहम है कि मशीनी तकनीक बेहतर हो और तकनीकों का आपसी तालमेल हो। कोल इंडिया एवं उसकी अनुषंगी कंपनियों, कोयला मंत्रालय एवं कोयला क्षेत्र से संबद्ध अन्य हितग्राही क्षेत्रों के दुनिया भर से 150 से अधिक प्रतिनिधियों ने कार्यशाला में हिस्सा लिया। कार्यशाला का आयोजन भौतिक एवं आभासी दोनों ही रूप में किया गया था।