मौसम की बेरुखी के कारण जुलाई में भी बिजली की मांग कम नहीं हो रही। सोमवार को सूबे में बिजली की अधिकतम मांग 25721 मेगावाट दर्ज की गई। दो दिन पहले शनिवार को मांग 26312 मेगावाट थी।
बारिश के दिनों में आम तौर पर कम होने वाली बिजली की मांग के लगातार बढ़ते रहने से तापीय परियोजनाओं की समस्याएं कम नहीं हो रही हैं। एक ओर कोयले का स्टॉक न होना तो दूसरी ओर भीषण गर्मी के कारण जलाशयों का जलस्तर कम होना उनकी समस्याओं में शामिल है। लंबे समय से बढ़त की ओर दर्ज की जा रही बिजली की अधिकतम मांग के सापेक्ष बिजली की न्यूनतम मांग में बेहद कमी भी देखने को मिल रही है। अधिकतम मांग से चार से पांच हजार मेगावाट के अंतराल पर चल रही बिजली की न्यूनतम मांग में अब लगभग 10 हजार मेगावाट का अंतर देखने को मिल रहा है। सोमवार को न्यूनतम मांग 15051 मेगावाट रही। अधिकारियों की मानें तो जल्द वर्षा न होने से परियोजनाओं को कोयले और पानी की किल्लत हो सकती है।