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Sonebhadra News: मौसम का असर, ओपीडी में आने वाले हर 5वें व्यक्ति को पेट दर्द-बुखार की शिकायत

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जिला संयुक्त चिकित्सालय में मरीजों की लगी कतार। संवाद - फोटो : हड़ताल के दौरान रुपईडीहा में ​स्थित आईसीपी के बाहर खड़े ट्रक।
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सोनभद्र। मौसम का उतार-चढ़ाव लोगों को बीमार कर रहा है। एक तरफ तेज धूप तो दूसरी तरफ बदली-बूंदाबादी से तापमान में गिरावट के साथ उमस की स्थिति लोगों को परेशान कर रही है। महज मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग की ओपीडी से मिली जानकारी के मुताबिक, हर पांचवां मरीज पेट में ऐंठन और खांसी-जुकाम, बुखार की शिकायत लेकर पहुंच रहा है। वहीं हर 20वां व्यक्ति उल्टी-दस्त से पीड़ित बताया जा रहा है।
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मेडिसिन विभाग की ओपीडी में एक सप्ताह पूर्व मरीजों की संख्या जहां 200 के इर्द-गिर्द रहती थी। अब वह 250 के करीब पहुंच चुकी है। इसको देखते हुए डॉक्टर भी मरीजों को दवाएं उपलब्ध कराने के साथ लगातार एहतियात बरतने की सलाह दे रहे हैं।
इन उपायाें पर करें अमल, बीमारियों से बचाव में मिलेगी मदद:
थोड़े-थोड़े अंतराल पर और दिन में कम से कम तीन से चार लीटर पानी जरूर पीएं। शरीर में पानी की कमी न होने पाए।
धूप से या उमस भरी स्थिति से गुजरने के तत्काल बाद ठंडा पानी न पीएं। सीधे एसी के सामने बैठने से भी बचें।
हल्का, ताजा और आसानी से पचने वाले भोजन को तरजीह दें।
दोपहर 12 से शाम चार के बीच जरूरत पड़ने पर ही निकलें।

गर्मी के मौसम में दूषित भोजन और पानी के सेवन से पेट संबंधी बीमारियां तेजी से फैलती हैं। लोगों को ताजा भोजन करने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों से परहेज करने तथा ओआरएस का उपयोग करने की सलाह दी जा रही है। तेज बुखार, लगातार उल्टी या दस्त होने पर तत्काल डॉक्टर से संपर्क करें। - डॉ. एसएस पांडेय, असिस्टेंट प्रोफेसर, मेडिसिन विभाग, मेडिकल कॉलेज।
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गर्मी के मौसम में तापमान में अचानक बदलाव से लू, डिहाइड्रेशन, मौसमी फ्लू का खतरा बढ़ जाता है। बचाव के लिए पर्याप्त पानी पीएं। धूप में निकलने से बचें और साफ-सफाई का खासा ख्याल रखें। - डाॅ. राहुल सिंह, असिस्टेंट प्रोफेसर मेडिसिन विभाग, मेडिकल कॉलेज।
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