जिले में भीषण गर्मी के चलते जलस्तर तेजी से खिसक रहा है। अब तक 270 गांवों में पानी की समस्या मुंह बाए खड़ी हो गई है। इससे ग्रामीणों को निजात दिलाने के लिए पंचायती राज विभाग 408 टैंकरों से पानी की आपूर्ति करा रहा है। इसी तरह गर्मी पड़ती रही तो आने वाले दिनों में और गांवों में पानी संकट उत्पन्न हो सकता है। हालांकि पेयजल समस्या से निपटने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है।
बता दें कि जिले का अधिकांश क्षेत्रफल जंगलों और पहाड़ों से आच्छादित है। इस नाते गर्मी का आगाज होते ही पहाड़ी इलाकों में लगे हैंडपंप पानी छोड़ने लगते हैं। वर्तमान में चिलचिलाती धूप के कारण नदी, नाले, बांध और तालाबों का जलस्तर तेजी से खिसकने लगा है। इस नाते पेयजल का संकट गहराने लगा है। राबर्ट्सगंज से सटे उरमौरा, लोढ़ी, रौंप, बिचपई, लोढ़ी, पोखरा, चकरिया, बसुहारी, दरमा, चेरूई, पल्हारी, सिलथम, पटना, कजियारी, बाकी, दरेव समेत करीब 270 गांवों में पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है।
इन गांवों में लगे कई हैंडपंपों ने पानी उगलना बंद कर दिया है। वहीं कई हैंडपंप नाममात्र पानी दे रहे हैं। कूप सूखने लगे हैं। हालांकि डीपीआरओं केे निर्देश पर ग्राम पंचायतों ने टैंकरों से पानी की आपूर्ति कर पेयजल समस्या दूर करने में जुट गए हैं। जिला पंचायत राज अधिकारी विशाल सिंह ने बताया कि अभी तक 270 गांवों में 408 टैंकरों से पानी की आपूर्ति कराई जा रही है। जिन गांवों में पेयजल की समस्या होगी वहां पर टैंकरों से पानी आपूर्ति कराने की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। टैंकरों से पानी की आपूर्ति के बारे में जांच भी कराई जा रही है। टैंकरों में जीपीएस लगवाया जा रहा है। कई टैंकरों में जीपीएस लग भी चुका है। उन्होंने लोगों से जरूरत के अनुसार ही पानी इस्तेमाल करने की अपील की है।
नगरों में पानी का संकट
जिले की इकलौती नगर पालिका राबर्ट्सगंज में लगे कई हैंडपंप पानी न के बराबर दे रहे हैं। हालांकि नगर पालिका प्रशासन जिन मोहल्ले में पानी की समस्या है वहां टैंकरों से आपूर्ति करा रहा है। यहीं हाल नगर पंचायत चुर्क-गुर्मा के कई वार्डों का है। नगर पंचायत ओबरा, घोरावल, ओबरा, पिपरी, रेणुकूट, अनपरा और दुद्धी के कुछ मोहल्ले में पानी का जलस्तर नीचे जाने से पेयजल समस्या उत्पन्न होने लगी है। नगर पंचायतों द्वारा टैंकरों से आवश्यकतानुसार आपूर्ति कराई जा रही है।