घोरावल विधानसभा सीट पर सपा उम्मीदवार को लेकर संशय शनिवार को और गहरा गया। सपा के साथ गठबंधन की सहयोगी अपना दल-कमेरावादी ने जिन सीटों पर प्रत्याशी उतारने का एलान किया है, उसमें घोरावल का भी नाम है। पार्टी नेताओं का कहना है कि गठबंधन में उन्हें यह सीट सपा ने दे दी है। जल्द ही यहां उम्मीदवार के नाम की घोषणा होगी। हालांकि सपा की ओर से सीट सौंपे जाने की कोई अधिकृत पुष्टि नहीं की गई है। अपना दल के इस दावे के बाद घोरावल सीट को लेकर दावेदारों में खलबली बढ़ गई है। यहां नए समीकरणों को भी हवा मिली है।
वर्ष 2012 में अस्तित्व में आई घोरावल सीट पर सपा के रमेश दुबे पहले विधायक बने थे। इसके बाद 2017 के चुनाव में उन्हें हराकर अनिल मौर्य ने भाजपा का परचम लहराया था। संभावित प्रत्याशियों के आधार पर इस बार भी सपा, भाजपा और बसपा के बीच ही लड़ाई के आसार जताए जा रहे हैं। इस बीच सपा की ओर से पिछले दिनों तीन सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा करने और घोरावल सीट को रिक्त छोड़ने के बाद तमाम चर्चाएं शुरू होने लगी थी। टिकट के दावेदारों ने भी लखनऊ में डेरा डाल दिया था। अब सपा के गठबंधन की सहयोगी अपना दल कमेरावादी ने शनिवार को इस सीट से अपना उम्मीदवार उतारने का दावा करते हुए माहौल को रोचक बना दिया है। पार्टी के जिलाध्यक्ष इं. सीडी सिंह पटेल का दावा है कि गठबंधन में सपा ने यह सीट दी है। पार्टी नेतृत्व के निर्देश के बाद वह चुनाव प्रचार में जुट गए हैं। जल्द ही प्रत्याशी के नाम का एलान किया जाएगा। अपना दल के इस एलान के बाद सपा खेमे में सन्नाटा पसरा हुआ है। पार्टी के नेता इस बारे में कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। सपा जिलाध्यक्ष विजय यादव का कहना था कि पार्टी कार्यालय से इस बारे में कोई सूचना नहीं आई है। जब तक राष्ट्रीय नेतृत्व अधिकृत रूप से कुछ अवगत नहीं कराता, वह इस बारे में कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं हैं। नेतृत्व का जो निर्देश होगा, उसका पालन किया जाएगा।