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डोर स्टेप डिलीवरी व्यवस्था बंद, कोटेदार ले जाएंगे राशन

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जिले में वितरण प्रणाली व्यवस्था को पूरी तरह से पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने डोर स्टेप डिलीवरी व्यवस्था की शुरूआत करने का आदेश दिया लेकिन अभी तक 789 कोटे की दुकानों में से सिर्फ 80 दुकानों को ही डोर स्टेप डिलीवरी व्यवस्था से जोड़ा गया था। शेष को जोड़ने की प्रक्रिया चल रही थी। इसी बीच कोरोना के चलते डोर स्टेप डिलीवरी व्यवस्था पूरी तरह से ठप कर दी गई है। अब पहले की तरह सभी कोटेदारों को गोदामों से अनाज का उठान कर ले जाना होगा।
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वर्ष 2017 में सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली व्यवस्था को चुस्त-दुरूस्त बनाने के लिए डोर स्टेप डिलीवरी व्यवस्था शुरू करने का निर्णय लिया। उसी के तहत जिले में वर्ष 2020 में डोर स्टेप डिलीवरी व्यवस्था लागू भी की गई। खाद्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार डोर स्टेप डिलीवरी व्यवस्था से जिले के 789 वितरण प्रणाली की दुकानों में से करीब 80 दुकानों को जोड़ा गया। सभी राबर्ट्सगंज तहसील क्षेत्र की कोटे की दुकानें थी। शेष दुकानों को भी डोर स्टेप डिलीवरी व्यवस्था से जोड़ने की कार्ययोजना बनाई गई थी। वहीं खाद्य विभाग के ठेकेदारों की मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए शासन डोर स्टेप डिलीवरी व्यवस्था की शुरुआत करने की योजना तैयार की गई। इसके तहत संबंधित ब्लाक के विपणन गोदाम से राशन से लदा ट्रक सीधे कोटेदार के यहां पहुंचे, इन वाहनों का रूट चार्ट बना लेकिन कोरोना की वजह से योजना पर पानी फिर गया। जिला विपणन अधिकारी देवेेंद्र सिंह का कहना है कि कोरोना के चलते फिलहाल जिले में डोर स्टेप डिलीवरी व्यवस्था पूरी तरह से बंद कर दी गई है। पूर्व की तरह सभी कोटेदार अपने संबंधित गोदामों से अनाज का उठान कर ले जाएंगे।
जिले में वितरण प्रणाली व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए डोर स्टेप डिलीवरी व्यवस्था की शुरूआत की गई। 80 दुकानों को ही डोर स्टेप डिलीवरी व्यवस्था से जोड़ा गया था, शेष को जोडने की प्रक्रिया चल रही थी तभी कोरोना के चलते डोर स्टेप डिलीवरी व्यवस्था पूरी तरह से ठप कर दी गई है। - देवेंद्र सिंह, जिला विपणन अधिकारी सोनभद्र।
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