साहब, सिंचाई बिजली कनेक्शन के नाम पर लाइनमैन ने पैसा ले लिया। पांच माह बीत जाने के बाद भी उसने अभी तक न बिजली कनेक्शन दिया, न ही पैसा लौटाया । यह फरियाद शनिवार को रॉबर्ट्सगंज तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में चौथी बार प्रार्थना पत्र देने पहुंचे नगवां ब्लॉक के नंदना गांव निवासी रमेश कुमार ने डीएम को सुनाई। उन्होंने
बताया कि दुबेपुर बिजली उपकेंद्र पर तैनात लाइनमैन की तरफ से बिजली कनेक्शन के नाम पर 14 हजार रुपये की मांग की जा रही है। पूर्व में तीन बार प्रार्थना पत्र दे चुके हैं, अबकी चौथी बार है। अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम बद्रीनाथ सिंह ने बिजली निगम के अधिकारियों समस्या का समाधान कराने के लिए निर्देशित किया। वहीं सिद्धीकला गांव के रामगति पटेल ने प्रार्थना पत्र देकर पड़ोसी पर घर का पानी निकासी बंद करने की शिकायत की। इससे पहले तहसील और थाने पर नौ बार प्रार्थना पत्र दे चुके हैं, मगर समस्या का समाधान नहीं कराया गया। पड़ोसी से वह परेशान हैं। यह 10वीं बाद प्रार्थना पत्र दे रहे हैं। तरावां गांव के राजेश पांडेय ने दूसरी बार प्रार्थना पत्र देकर जमीन की समस्या का समाधान कराए जाने की मांग की। डीएम बीएन सिंह और एसपी अशोक कुमार मीणा ने शिकायतें सुनते हुए उसके समुचित समाधान का निर्देश दिया। दोपहर 12 बजे तक 15 प्रार्थना पत्र आए थे। इसमें सबसे ज्यादा जमीन विवाद से जुड़े मामले रहे। इस मौके पर डिप्टी कलेक्टर प्रमोद तिवारी, सीएमओ डाॅ.अश्वनी कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी रमाशंकर यादव, एलडीएम सलन बागे, पीडब्ल्यूडी एक्सईएन शैलेश ठाकुर आदि उपस्थित रहे। उधर,
दुद्धी तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में एसडीएम को प्रार्थना पत्र देकर पीड़िता मनबसिया निवासी नगवां ने फसल काटकर जमीन पर कब्जा करने की शिकायत की। बताया कि हमारे घर मे कोई नही है। जीवकोपार्जन के लिए एक मात्र साधन खेती है। आरोप है कि पट्टिदार भूमि विवाद कर कब्जा कर ले रहे है। डेढ़ बीघे खेत मे तिल्ली व अरहर की फसल लगाई थी। पट्टिदार जबरदस्ती करके तिल्ली व अरहर की फसल काटकर ले गए। इसकी शिकायत अमवार चौकी में की, लेकिन कोई सुनवाई नही हुई। जमीन पर भी कब्जा कर रहे हैं। वहीं झारोकला गांव की प्रधान बबिता देवी ने समाधान दिवस में पत्र देते हुए आरोप लगाया है कि पूर्व प्रधान ने शिव पहाडी मंदिर स्थल पर अपनी भूमि की पट्टा बताते हुए अवैध कब्जा कर रहा रहा है। इसकी जांच कराई जाए। वहीं अभाविप के संगठन मंत्री नरेंद्र ने ज्ञापन देकर नदी का बचाव, अध्यापकों की मनमानी व उपस्थित की जांच व मिड डे मील में लापरवाही, इंटर कालेज में मिलने वाली निर्धन छात्रों की सुविधा, बिना मान्यता प्राप्त विद्यालय व भवन निर्माण में लापरवाही को लेकर शिकायत दर्ज कराई और जांच कराए जाने की मांग की।