खनन बेल्ट में मनमानी को लेकर जिला प्रशासन का शिकंजा कसता जा रहा है। चेतावनी के बावजूद प्रतिबंधित खदानों में काम मिलने की शिकायत पर डीएम ने धारा 22 की 18 खदानों में विस्फोट आपूर्ति पर रोक लगा दी है।
साथ ही सीओ ओबरा को कहा कि आदेश की अवहेलना करने वालों पर मुकदमा दर्ज कराएं।
बिल्ली मारकुंडी में खदानें काफी गहरी हो चली हैं। खान सुरक्षा निदेशालय ने सुरक्षा की दृष्टि से इन खदानों में सिर्फ सुरक्षात्मक कार्य करने की इजाजत दी थी बावजूद कुछ व्यवसायी नियमों की अनदेखी कर काम कराते रहे।
डीएम पीके उपाध्याय ने बताया कि आराजी संख्या कृष्णा स्टोन, ओबरा स्टोन प्रोडेक्ट,रामनरेश अग्रहरि, शशि त्रिपाठी, अग्रवाल स्टोन वक्र्स, गिरधर सीमेंट लिमिटेड, शिवम स्टोन प्रोडेक्ट, राजेंद्र क्रशर कंपनी, अमरेश पांडेय, वी अग्रवाल स्टोन, कैसर शिकोह, विजय स्टोन प्रोडेक्ट, आनंद कुमार, अशोक कुमार सिंह, हंसराज इंटर प्राइजेज, मिश्रा स्टोन, सुभाष पाल और शीला इंटर प्राइजेज को कई बार मानक के अनुरूप काम करने की चेतावनी दी गई थी।
बावजूद चेतावनी को ये लोग नजरअंदाज करते रहे। वहीं सीओ ओबरा प्रवीण कुमार यादव ने बताया कि विस्फोट सप्लाई करने वाले प्रोपराइटर को डीएम के आदेश से अवगत करा दिया गया है। इसके बावजूद अगर वह लोग आपूर्ति करते हैं तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएंगे।