सलखन स्थित वृद्धा आश्रम में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में शामिल स्वास्थ्य कर्मी।
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विश्व अल्जाइमर दिवस पर बुधवार को सलखन स्थित वृद्धाश्रम में स्वास्थ्य विभाग की ओर से जागरुकता कार्यक्रम हुआ। अल्जाइमर के खतरे और उससे बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इस दौरान वृद्धाश्रम में 46 वृद्धों के स्वास्थ्य की जांच कर मानसिक समस्याओं के उपचार संबंधी दवा दी गई।
एसीएमओ डॉ. प्रेमनाथ ने बताया कि लकवाग्रस्त, मधुमेह और ब्लड प्रेशर के मरीजों को अल्जाइमर होने का खतरा अधिक होता है। सिर में चोट लगने से भी यह समस्या हो सकती है। यह बीमारी व्यक्ति की याददाश्त को छिन्न-भिन्न कर देती है। ऐसे रोगियों के प्रति सहानुभूति के साथ ही एहतियात बरतना जरूरी है।
मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के सोशल वर्कर सौरभ सिंह ने बताया कि अल्जाइमर एक बीमारी है। इस पर शर्माने की बजाय खुुलकर बात होनी चाहिए। यह ज्यादातर 60 साल से अधिक आयु के लोगों को प्रभावित करता है। जागरुकता से ही इस समस्या का समाधान हो सकता है। बीमारी का सबसे खतरनाक लक्षण यह है कि पीड़ित कहीं चले जाते हैं और उन्हें अपने घर की याद नहीं रहती है।
नींद नहीं आती, बिस्तर पर पेशाब कर देते हैं। ऐसी स्थिति से बचने के लिए पीड़ित की जेब में नाम, पते आदि का विवरण रखना चाहिए। इस मौके पर सलखन पीएचसी प्रभारी डॉ. शुभम तिवारी, फार्मासिस्ट विजय सिंह आदि मौजूद रहे।