असनहर गांव में चल रहे नौ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा में चौथे दिन रविवार को गजेंद्र उद्धार, वामनावतार, रामावतार और श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के प्रसंग पर श्रद्धालु झूमते रहे। सुंदर झांकियों का प्रदर्शन किया गया। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की कथा ने उन्हें भाव विभोर कर दिया।
कथा वाचक आचार्य भृगुभूषण महाराज ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने अपने भक्तों का उद्धार व पृथ्वी को दैत्य शक्तियों से मुक्त कराने के लिए अवतार लिया था। उन्होंने कहा कि जब-जब पृथ्वी पर धर्म की हानि होती है तब-तब भगवान धरती पर अवतरित होते हैं। श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का प्रसंग व उनके जन्म लेने के गूढ़ रहस्यों को कथा व्यास ने बेहद संजीदगी के साथ सुनाया। कथा प्रसंग सुनाते हुए कथा व्यास ने बताया कि जब अत्याचारी कंस के पापों से धरती डोलने लगी तो भगवान कृष्ण को अवतरित होना पड़ा। कथा का संगीतमय वर्णन सुन श्रद्धालुगण झूमने लगे व जन्मोत्सव की झांकी देख लोग भाव विभोर हो गए। इस दौरान इंद्र बहादुर तिवारी, आशा तिवारी, कामेश्वर तिवारी, रामेश्वर तिवारी, बालकृष्ण तिवारी, अमर देव पांडेय, पवन दुबे, सरोज, सूर्यकांत दुबे आदि मौजूद रहे।