सांगोबाध। बभनी थाना क्षेत्र के बैना गांव में बुधवार की सुबह देवरूप (36) का शव उसके घर से कुछ दूर पलाश के पेड़ में फंदे से लटकता मिला। परिवार वालों का कहना है कि गरीबी से तंग आकर देवरूप ने फांसी लगा ली। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुद्धी भेज दिया।
बैना गांव के देवरूप पुत्र होती लाल के पांच पुत्रियां और एक पुत्र है। बेटियां बड़ी हो रही हैं और एक बेटी के शादी के लिए बातचीत भी परिवार वालों ने शुरू कर दिया था। लेकिन गरीबी के चलते घरेलू समस्याओं को लेकर देवरूप परेशान रहता था। बुधवार की सुबह करीब सात बजे वह अपने घर से निकला और काफी देर तक घर नहीं लौटा। इस पर उसके परिवार वालों ने उसकी तलाश शुरू की तो गांव के एक चरवाहे ने बताया कि पांगन नदी के किनाने पलाश के पेड़ से देवरूप का शव लटका हुआ है।
इस पर घर वाले मौके पर पहुंच गए और फिर इसकी जानकारी सौ नंबर पुलिस को दी। पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया और फिर मामले की जानकारी थाना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची थाना पुलिस ने शव को कब्जे लेकर पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुद्धी भेज दिया। मृतक की पत्नी सुखनी देवी का कहना था कि उसके पति गरीबी और बेटी की शादी को लेकर काफी परेशान थे। लेकिन ऐसा कदम उठा लेंगे, यह परिवार में किसी ने सोचा नहीं था।