विद्युत इकाइयों से थर्मल बैकिंग बंद होने और नवनिर्मित हरदुआगंज ई के उत्पादनरत होने के कारण उप्र राज्य विद्युत उत्पादन निगम का उत्पादन बृहस्पतिवार को रिकार्ड 4500 मेगावाट के करीब पहुंच गया है। इससे सुचारु विद्युत आपूर्ति करने में पावर कारपोरेशन को काफी सहूलियत हो रही है।
शीतलहर का प्रकोप बढ़ जाने के कारण एक दिन के अंतराल में ही प्रदेश में बिजली की मांग में 1500 मेगावाट से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है। बुधवार सुबह 16472 मेगावाट रहने वाली बिजली की अधिकतम मांग बृहस्पतिवार सुबह तक बढ़कर 17965 मेगावाट तक पहुंच गई। शाम को पीक ऑवर से पूर्व ही बिजली की मांग 15 हजार मेगावाट पहुंच जाने से मांग में और इजाफा होने की प्रबल संभावना बनी हुई है। ऐसे में सिस्टम कंट्रोल के निर्देश पर सभी इकाइयों को फुल लोड पर चलाया जा रहा है। इससे निगम का उत्पादन बढ़कर 4422 मेगावाट के रिकार्ड स्तर पर पहुंच गया है। बृहस्पतिवार को अनपरा ए से 483, बी से 912, डी से 957 व निजी क्षेत्र की लैंको परियोजना से 949 मेगावाट उत्पादन किया गया। इस दौरान नव निर्मित हरदुआगंज ई परियोजना से भी 544 मेगावाट बिजली पावर कारपोरेशन को प्राप्त हो रही है।
रिहंद के पांच टरबाइनों से उत्पादन
बिजली की बढ़ी मांग को देखते हुए सिस्टम कंट्रोल के निर्देश पर बृहस्पतिवार को रिहंद हाइड्रो के पांच टरबाइनों से उत्पादन किया गया। जीटी बदलने के कारण छठी इकाई को इस समय शट डाउन पर रखा गया है।