शक्तिनगर। एनसीएल की निगाही कोयला खदान क्षेत्र में ओवर बर्डन निस्तारण के कार्य में लगी डीबीएल कंपनी में बुधवार को स्थानांतरण को लेकर मजदूरों व प्रबंधन के बीच तनाव का माहौल बन गया। यह स्थिति क्षेत्र के मजदूरों को अन्य जगहों पर ट्रांसफर किए जाने को लेकर पैदा हुई। नाराज कामगारों ने कार्य ठप कर दिया और कंपनी पर मनमाना करने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी करने लगे।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि स्थानीय मजदूरों को दूसरी जगह भेजे जाने को लेकर कई दिन से माहौल तनावपूर्ण है। इसी बात को लेकर बुधवार मजदूरों व प्रबंधन के अधिकारियों के बीच विवाद हो गया। इसके बाद काफी संख्या में मजदूरों ने काम बंद कर अपना विरोध जताना शुरू कर दिया। इस बीच अफवाह फैली की प्रबंधन के कहने पर सुरक्षा में लगे गार्डों से विवाद हो गया है। इसके बाद स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई। सूचना मिलने पर एसडीओपी मोरवा राजीव पाठक व मोरवा निरीक्षक मनीष त्रिपाठी पुलिस के साथ मौके पर पहुंच गए और लोगों को शांत कराने का प्रयास शुरू कर दिया। इसी दौरान पहुंचे स्थानीय नेता व भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष प्रवीण तिवारी ने कंपनी प्रबंधन पर आरोप लगाया कि डीबीएल प्रबंधन द्वारा अकारण लोगों को परेशान करने के लिए उन्हें अन्य राज्यों में ट्रांसफर करने की प्रक्रिया की जा रही थी। इसी को लेकर श्रमिकों में आक्रोश बढ़ गया। यह अलग बात है कि हर तरफ से घिरता देख डीबीएल प्रबंधन ने ट्रांसफर किए जा रहे 20 स्थानीय लोगों का स्थानांतरण तत्काल प्रभाव से रोके जाने के लिए आश्वस्त किया। इसके बाद मामला शांत हुआ।