सोनभद्र। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा संघ ने कोरोना काल में मानदेय में 25 फीसदी प्रोत्साहन राशि बढ़ाकर देने की मांग की है। आरोप लगाया है कि सरकार कर्मचारियों को सिर्फ लॉलीपॉप दे रही है। प्रोत्साहन राशि अब तक न दिये जाने से क्षुब्ध संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने मंगलवार को कार्यस्थल पर काली पट्टी बांध कर विरोध जताया। स्वास्थ्य कर्मियों ने चेतावनी दिया कि यदि सरकार इस पर सकारात्मक पहल नहीं करती है तो पूरे प्रदेश में स्वास्थ्य कर्मी कार्य बहिष्कार करेंगे।
संविदा संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. अरुण चौबे ने कहा कि जिले में 500 से भी अधिक कर्मचारी विभिन्न पदों पर कार्यरत हैं। पूरे उत्तर प्रदेश में 80 हजार पदों पर कार्यरत हैं। प्रदेश सरकार ने वैश्विक महामारी कोरोना काल में 25 फीसदी वृद्धि कर प्रोत्साहन राशि की घोषणा की थी, लेकिन अब तक बढ़ा हुआ भुगतान नहीं किया गया। कहा कि सरकार कर्मचारियों को लॉलीपाप देने का कार्य कर रही है। सरकार ने घोषणा तो कर दी है किंतु कोविड-19 में अपनी जान की परवाह किए बगैर दिन रात अपनी सेवाएं दे रहे एनएचएम कर्मियों को अब तक इसका लाभ नहीं मिला है। पूर्व में हुए फैसले समान कार्य समान वेतन विसंगति समिति द्वारा अभी तक कोई फैसला न लिए जाने से कर्मियों में असंतोष है। संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने स्थानांतरण प्रक्रिया को रोकने पर भी रोष व्यक्त किया। मांग किया कि 25 फीसदी प्रोत्साहन राशि मूल वेतन में जोड़ने के साथ, एनएचएम कर्मियों द्वारा पिछले मार्च माह 2020 से ही कोविड-19 में एलवन व एल टू में ड्यूटी, डीएम कोविड कंट्रोल रूम, आरआरटी टीम जो कि आरबीएस के टीम कार्य करती है, कोविड-19 का सैंपल, एएनएम द्वारा कोविड-19 वैक्सीन लगाना, दवा किट बांटना, एल वन, एल टू हॉस्पिटल में सभी चिकित्सक को स्टाफ नर्स काउंसिल, सीएचओ, लैब टेक्नीशियन फार्मासिस्ट डीपीएमयू व बीपीएमयू के द्वारा लगातार कोविड-19 शत प्रतिशत योगदान दिया जा रहा है। यदि सरकार व जिम्मेदार उच्च अधिकारी इस पर कोई सकारात्मक पहल अतिशीघ्र नहीं करते हैं तो पूरे प्रदेश में कार्य बहिष्कार के लिए बाध्य होंगे। विरोध प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष अरुण चौबे , डॉ. देवब्रत, डॉ. अरुण, डॉ. बुबाई, डॉ. सुषमा, सीएचओ बंदना, अनुराधा, वर्षा, विनोद, सीमा, रूपा, युगवीर, विनय आदि शामिल रहे।