क्षेत्र में 1600 मेगावाट क्षमता की दो इकाइयों का निर्माण कार्य तेज होगा। यह प्लांट एनटीपीसी शक्तिनगर में तृतीय चरण विस्तार के तहत स्थापित होगा। इसकी स्थापना के बाद 2000 मेगावाट क्षमता के प्लांट की उत्पादन क्षमता 3600 मेगावाट हो जाएगी।
एनटीपीसी कार्यकारी निदेशक (ईडी, उत्तर क्षेत्र) एन. श्रीनिवास राव ने तृतीय चरण इकाइयों के स्थापना स्थल का निरीक्षण किया और अफसरों को जरूरी दिशा निर्देश दिया। तृतीय चरण विस्तार को लेकर जमीनी स्तर पर कार्य तेज हो गया है। इसके लिए जमीन की समतलीकरण, पेड़ों की कटाई, पहले के निर्माणों को शिफ्टिंग किया जा रहा है। ईडी ने स्थल निरीक्षण के तत्पश्चात विद्युत गृह के पुराने सेंट्रल स्टोर, स्टेज-एक ट्रैक हौपर, स्टेज-दो एफजीडी., न्यू पीईबी, यूनिट एक व छह का कंट्रोल रूम, एवं स्टील यार्ड का भी निरीक्षण किया।
इस अवसर पर उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की और विद्युत गृह के नए पुराने कामकाज की समीक्षा किया। उन्होंने भारत सरकार की विद्युत प्राथमिकताओं के अनुसार गुणात्मक भावी कार्य योजना के संबंध में उचित दिशा-निर्देश भी दिए। एन. श्रीनिवास राव ने कहा कि एनटीपीसी लिमिटेड कर्मचारियों के कल्याण के लिए सभी सक्रिय कदम उठा रही है एवं उन्होंने एनटीपीसी लिमिटेड के प्रमुख एजेंडे पर भी प्रकाश डाला। इस दौरान एनटीपीसी शक्तिनगर के प्रमुख राजीव अकोटकर, सीजीएम एलके बेहेरा, जीएम अमरीक सिंह भोगल, जोसफ बास्टीयन, सिद्धार्थ मंडल विभागाध्यक्ष (मानव संसाधन), यूनियन एवं एसोसिएशन के पदाधिकारीगण एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण एवं कर्मचारी गण उपस्थित रहे।