एनसीएल कोयला परियोजनाओं के परिसरों में स्थित आवासों पर हुए कब्जे पर कोल प्रबंधन का रुख सख्त हो गया है। मंगलवार को प्रबंधन व पुलिस के अधिकारियों ने संबंधितों को आवास खाली करने के लिए पांच दिन का अल्टीमेटम दिया है। अफसरों ने यह भी साफ कर दिया कि इस अवधि के समाप्त होने पर जिन लोगों ने आवास खाली नहीं किया उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
एनसीएल खड़िया के नए अधिकारी व कर्मी आवास के लिए भटक रहे हैं। प्रोजेक्ट के डी, बी, एमक्यू व ओएच श्रेणी के आवास अपात्र लोगों के कब्जे में हैं। कई आवासों पर कब्जा करने वाले कोई और नहीं बल्कि कोल प्रोजेक्ट के सेवानिवृत्त कर्मचारी, अधिकारी या उनके सगे संबंधी है। कब्जा खाली कराने के तमाम प्रयास विफल होने के बाद कोल प्रबंधन पुलिस के शरण में गया। इसी के बाद मंगलवार दोपहर शक्तिनगर के प्रभारी निरीक्षक मिथिलेश मिश्र की मौजूदगी में पहुंचे कोल प्रबंधन के अधिकारियों ने कब्जा धारकों को आवास खाली करने के लिए 12 दिसंबर तक का समय दिया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि तय समय तक कब्जा खाली नहीं हुआ तो प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। इस दौरान खड़िया के उप कार्मिक प्रबंधक पाणि पंकज पांडेय, राजस्व अधिकारी राजाराम यादव, एनसीएल खड़िया के सुरक्षा अधिकारी एसपी सिंह, शक्तिनगर के एसएसआई संतोष यादव, एसआई राजेश मौर्य, एनसीएल खड़िया के एसआई शिवेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।