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Sonebhadra News: बभनी सीएचसी की बदहाली देख चौंके सीएमओ, कोई नौ तो कोई दस दिन से लापता

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सीएमओ डॉ. अश्वनी कुमार ने बभनी सीएचसी का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान चिकित्सक, लिपिक समेत 11 कर्मचारी गायब मिले। सभी के वेतन भुगतान पर रोक लगाते हुए उनसे स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
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दोपहर बाद सीएमओ अचानक अस्पताल पहुंचे। यहां एनएचएम के तहत संचालित किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम की काउंसलर सारिका जायसवाल बिना अवकाश लिए तीन दिन से अनुपस्थित मिली। संविदा स्टाफ नर्स पूर्णिमा भी नदारद थीं। संविदा एएनएम ज्योति कुमारी का नौ दिनों से पता नहीं था। कोई अवकाश भी नहीं लिया था। परामर्शी चिकित्सक डाॅ. विदित कुमार एक मई से अनुपस्थित पाए गए। वह अप्रैल माह में भी अनुपस्थित मिले थे। संविदा एएनएम ममता देवी भी एक मई से अनुपस्थित थीं। ब्लॉक स्तर पर संचालित कार्यक्रमों की निगरानी की जिम्मेदारी बीसीपीएम की होती है। यहां तैनात बीसीपीएम के बारे में पता चला कि वे सप्ताह में तीन दिन सीएचसी म्योरपुर तो तीन दिन बभनी में अपनी सेवाएं देते हैं। बभनी के तीन तैनाती दिवसों में किसी भी दिन वह उपस्थित नहीं मिले। आयुष महिला चिकित्सक डाॅ. हेमलता 2 मई से चिकित्सकीय अवकाश पर मिलीं।
नियमित कर्मचारियों में वरिष्ठ सहायक अरविंद कुमार एक मई से अनुपस्थित मिले। एक्स-रे टेक्नीशियन बृजेश कुमार दो दिनों से अनुपस्थित थे। स्टाफ नर्स कुमारी रागिनी भी एक मई से अनुपस्थित मिली। एनेस्थेटिस्ट डॉ. वेद प्रकाश की ओर से उपस्थिति पंजिका में चार दिन का आकस्मिक अवकाश दर्ज किया गया था। बालरोग विशेषज्ञ डाॅ. फिरोज निरीक्षण तिथि पर अनुपस्थित मिले। सीएमओ ने अनुपस्थित कर्मियों के वेतन पर रोक लगा दी। उनसे स्पष्टीकरण तलब किया। इसके साथ ही सीएचसी अधीक्षक डॉ. अंकित राज सिंह से भी स्पष्टीकरण तलब किया गया।
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चिकित्सक की सेवा होगी समाप्त
निरीक्षण में अनुपस्थित मिले परामर्शी चिकित्सक डाॅ. विदित के संबंध में सीएमओ ने अधिष्ठान लिपिक को निर्देशित किया है। उन्होंने कहा है कि चिकित्सक की अनुपस्थिति की सूचना महानिदेशालय को प्रेषित करते हुए इनकी सेवा समाप्ति करने के लिए पत्र प्रस्तुत करें। डाॅ. वेद प्रकाश के आकस्मिक अवकाश को मानव संपदा पोर्टल के माध्यम से स्वीकृत होने के बाद ही वेतन दिए जाएं। वहीं संविदा कर्मियों के वेतन के संबंध में डीपीएम कार्यालय के जिला लेखा प्रबंधक को कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

तीस मरीजों की बजाय तीन को सेवा
टेली मेडिसिन सेवा भी बभनी सीएचसी पर बदहाल है। सीएचसी में बने टेली मेडिसिन कक्ष के निरीक्षण में सामने आया कि यहां तैनात ऑपरेटर उमाशंकर द्वारा दोपहर तक मात्र चार मरीजों की टेली काउंसिंलिंग की गई थी। अप्रैल माह में कुल 106 मरीजों की ही टेली काउंसिलिंग की गई है। नियमानुसार इन्हें प्रतिदिन 10 से 30 मरीजों की टेली काउंसिलिंग करनी है। ऐसे में मेसर्स अपोलो रिमोट हेल्थ केयर के टेली मेडिसिन काउंसलर उमाशंकर को कार्य में सुधार न होने पर सेवा समाप्ति की चेतावनी दी गई। सीएमओ ने प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना की भी समीक्षा की। पांच महिलाएं सीवियर एनिमिया से पीड़ित मिलीं।
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