सोनभद्र। सदर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय ममुआ में पढ़ने वाले बच्चों को जिम्मेदारों की मनमानी नीतियाें का दंश झेलना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि यहां एक से पांच तक की कक्षाएं एक ही कमरे में चल रही है।
जानकारी के अनुसार जिले के स्कूलों में कायाकल्प अभियान से लेकर अतिरिक्त कक्षों के निर्माण पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। हालांकि जिम्मेदारों की मनमानी नीतियाें के कारण कई ऐसे स्कूल हैं। जहां आवश्यकता से अधिक भवनों का निर्माण कराया गया है। तो कई के पास भवनों की दरकार है।
सदर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय ममुआ की स्थिति भी बेहाल है। यहां दो दशक पहले निर्मित स्कूल भवन जर्जर हो गया था। जिसे सालों पूर्व जर्जर घोषित किया गया था। जिसे जुलाई व अगस्त में ढहा दिया गया। ऐसे में स्कूल में पंजीकृत 55 बच्चों के सामने बैठने की दिक्कत हो गई। हालांकि इसके लिए अतिरिक्त कक्ष में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र को खाली कराया गया। जहां अतिरिक्त कक्षा के एक ही कमरे में ही एक से लेकर कक्षा पांच तक की कक्षाएं संचालित हो रही हैं।
ऐसे में बच्चों के बैठने के लिए पर्याप्त जगह न होने के चलते काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एक ही कक्षा में कार्यालय और एक से पांच तक के बच्चों को पढ़ा पाना संभव नहीं हो पाता है। इससे पढ़ाई भी बाधित होती है। विद्यालय की प्रधानाध्यापिका राज लक्ष्मी ने बताया कि स्कूल की समस्या के संबंध के संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया गया है
शिव मंदिर में हो रहा आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन
स्कूल की ओर से कक्षाओं के संचालन के लिए जब आंगनबाड़ी केंद्र को खाली कराया गया। तो यहां पंजीकृत बच्चों के लिए भवन नहीं मिला। ऐसे में करीब छह महीने से आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन पोखरे के भीटे पर स्थित शिव मंदिर के बरामदे में किया जा रहा है। यहां आने वाले बच्चों पर हादसे का खतरा रहता है। भीटे पर संचालन होने से बच्चों को शौचालय तक का लाभ नहीं मिल पा रहा है। बच्चों को शौच के लिए घर जाना पड़ता है।
विद्यालय की समस्याओं के बारे में जानकारी ली जाएगी। समस्या के समाधान के लिए जो भी जरूरी कदम होंगे। उसे अमल में लाया जाएगा। - नवीन पाठक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी-सोनभद्र।