सोनभद्र। नक्सल प्रभावित सोनभद्र जिले में मानव तस्करों का जाल बढ़ता जा रहा है। नाबालिग बच्चों एवं लड़कियों को बहला-फुसलाकर पश्चिम यूपी, हरियाणा, राजस्थान भेजा जा रहा है। आए दिन ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। इसके बावजूद एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट और पुलिस तस्करी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं कर रही। जिले में महिलाओं और बच्चों की तस्करी रोकने के लिए एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की स्थापना की गई है। इस यूनिट को थाने का दर्जा प्राप्त है। यूनिट के प्रभारी को मानव तस्करी के मामलों की जांच कर मुकदमा दर्ज कराने का अधिकार है। पूरा जिला इनका कार्य क्षेत्र है, फिर भी तस्करी काम जारी है। घोरावल, रामगढ़, जुगैल, बभनी, म्योरपुर समेत अन्य क्षेत्रों में तेजी से मानव तस्करी हो रही है। आदिवासी क्षेत्र के भोले-भाले लोगों को कभी अच्छी नौकरी तो कभी अन्य सुविधाओं का झांसा देकर तस्कर अपने जाल में फंसा रहे हैं। इसके बाद यहां से जाने वाले बच्चे-लड़कियां वापस नहीं लौटते। हाल के दिनों में ऐसे कई मामले सामने भी आए हैं, जबकि तमाम मामलों में पुलिस के हाथ कुछ भी नहीं लगा। अब भी ग्रामीण इलाकों में कुछ लोग गरीबों को बहला-फुसला कर उनके नाबालिग बेटे और बेटियों को ले जाने के प्रयास में जुटे हैं। अभी तक मानव तस्करी के धंधे को संचालित करने वाले मुख्य आरोपियों का न पकड़ा जाना भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट और थानों की पुलिस मानव तस्करी करने एवं उन्हें संरक्षण प्रदान करने वालों को चिह्नित कर कार्रवाई करने में जुटी है। कुछ दिन पूर्व राबर्ट्सगंज कोतवाली पुलिस ने नाबालिग बच्चों को काम कराने के लिए ले जाने के आरोप में कई लोगों पकड़ कर कार्रवाई की है। - विनोद कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक