इसके बाद सुबह छह बजे तक सीबीआई की टीम जीएम के आवास एवं भू अर्जन अधिकारी के आवास से लेकर कार्यालय तक जांच में जुटी रही। करीब 16 घंटे तक चली इस लंबी कार्रवाई में परियोजना जीएम सईद गोरी के आवास से 13 लाख रुपये नकद एवं दो जगह प्रॉपर्टी के पेपर बरामद किए गए। फिलहाल सीबीआई दोनों अधिकारियों को लेकर जबलपुर सीबीआई कोर्ट में पेश करने के लिए रवाना हो गई।
शिकायतकर्ता और अन्य विस्थापितों का कहना है कि परियोजना के राजस्व शाखा के भू-अर्जन अधिकारी चंद्र मोहन गुप्ता की ओर से परसेंटेज के आधार पर मुआवजा का कुछ पैसा रिश्वत के रूप में मांगने के बाद ही काम को आगे बढ़ाया जाता था। जो रिश्वत नहीं देता था उसकी फाइल को कई महीनों तक वहीं रुकी रहती थी। ऐसे में लोग रिश्वत देने को मजबूर हो रहे थे।