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सीबीआई की कार्रवाई: रिश्वतखोरी में एनसीएल के जीएम समेत दो गिरफ्तार, घर से 13 लाख कैश और संपत्ति के कागजात मिले

Sat, 07 Oct 2023 06:37 PM IST
उत्पल कांत अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र

सार

सीबीआई की जबलपुर टीम ने  एनसीएल के ब्लॉक बी कोयला क्षेत्र के जीएम कार्यालय व आवास पर शुक्रवार दोपहर बाद छापा मारा था। करीब 16 घंटे की जांच के बाद जीएम सईद गोरी एवं भू अर्जन अधिकारी चंद्र मोहन गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया। 
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सीबीआई(सांकेतिक) - फोटो : Social media
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विस्तार
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एनसीएल (नॉर्दर्न कोलफील्ड्स) के जनरल मैनेजर के आवास से सीबीआई टीम ने 13 लाख नकद के साथ प्रॉपर्टी के पेपर बरामद किए। इसी तरह भू-अर्जन अधिकारी के यहां से भी कई दस्तावेज बरामद हुए हैं। दोनों अफसरों को सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया। उन्हें जबलपुर स्थित सीबीआई कोर्ट में पेश किया जाएगा।

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सीबीआई की जबलपुर टीम ने कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनी एनसीएल के ब्लॉक बी कोयला क्षेत्र के महाप्रबंधक कार्यालय व आवास पर शुक्रवार दोपहर बाद छापा मारा था। यह कार्रवाई परियोजना में भ्रष्टाचार और रिश्वत की शिकायत पर की गई। टीम ने 16 घंटे तक लगातार पूछताछ और कागजात खंगाले।

दो करोड़ मुआवजे के एवज में दो लाख की रिश्वत

लंबी पूछताछ के बाद सीबीआई जबलपुर की टीम ने परियोजना के महाप्रबंधक सईद गोरी एवं राजस्व शाखा में पदस्थ भू-अर्जन अधिकारी चंद्र मोहन गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया। सीबीआई के अधिकारियों ने बताया कि दो करोड़ मुआवजे के एवज में दो लाख की रिश्वत मांगी गई थी। पहली किश्त के रूप में 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ भू-अर्जन अधिकारी को गिरफ्तार किया गया।

इसके बाद सुबह छह बजे तक सीबीआई की टीम जीएम के आवास एवं भू अर्जन अधिकारी के आवास से लेकर कार्यालय तक जांच में जुटी रही। करीब 16 घंटे तक चली इस लंबी कार्रवाई में परियोजना जीएम सईद गोरी के आवास से 13 लाख रुपये नकद एवं दो जगह प्रॉपर्टी के पेपर बरामद किए गए। फिलहाल सीबीआई दोनों अधिकारियों को लेकर जबलपुर सीबीआई कोर्ट में पेश करने के लिए रवाना हो गई।
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रिश्वत नहीं देने वालों का अटक जाती थी फाइल

शिकायतकर्ता और अन्य विस्थापितों का कहना है कि परियोजना के राजस्व शाखा के भू-अर्जन अधिकारी चंद्र मोहन गुप्ता की ओर से परसेंटेज के आधार पर मुआवजा का कुछ पैसा रिश्वत के रूप में मांगने के बाद ही काम को आगे बढ़ाया जाता था। जो रिश्वत नहीं देता था उसकी फाइल को कई महीनों तक वहीं रुकी रहती थी। ऐसे में लोग रिश्वत देने को मजबूर हो रहे थे।
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