फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sonebhadra News: पंचनामा, गिरफ्तारी और एफआईआर में लिखी जा रही जाति

विज्ञापन
विज्ञापन
सोनभद्र। पिछले दिनों हाईकोर्ट के आदेश को अमल में लाते हुए प्रदेश सरकार ने पुलिस व्यवस्था में जाति लिखने पर पाबंदी लगा दी थी।
विज्ञापन

जिले के थानों में इसका असर नजर नहीं आ रहा है। स्थिति यह है कि आदेश जारी होने के बाद पांच दिनों में 24 थानों में जाति का जिक्र करते हुए 26 मुकदमे दर्ज हुए।
जिले में बिजली थाने से इतर कुल 24 थानों का संचालन हो रहा है। पिछले दिनों हाईकोर्ट के आदेश के बाद मुकदमों में अभियुक्तों की जाति का उल्लेख नहीं करने के बाबत राज्य सरकार ने आदेश जारी किया था।
विज्ञापन

कहा गया था कि थानों के नोटिस बोर्ड पर अभियुक्तों के साथ उनकी जाति का उल्लेख नहीं किया जाए। पंचनामा, गिरफ्तारी मेमो और व्यक्तिगत तलाशी मेमो में भी जाति न दर्शाया जाए।
आरोपी के पिता के नाम के साथ माता का नाम भी अंकित किया जाए। हालांकि किसी अधिनियम के तहत कानूनी बाध्यता होने पर जाति अंकित करने की छूट है।
एफआईआर की कॉपी में जाति का जिक्र न करने के आदेश के बाद जिले के 24 थानों में 23 से 27 सितंबर तक दर्ज 65 मुकदमों में से 26 में जाति का जिक्र किया गया है, जबकि दस से अधिक मुकदमे अज्ञात लोगों पर दर्ज हैं।
इनमें राॅबर्ट्सगंज कोतवाली में सबसे 11 मुकदमों में जाति का जिक्र है। हालांकि कुछ थानों में हाईकोर्ट के आदेश का पालन भी हो रहा। चोपन में पांच दिनों में चार मामले दर्ज हुए। इसमें दो मामले में आरोपी अज्ञात थे।
एक मामले में डाला चौकी प्रभारी ने दो लोगों पर जाति का जिक्र करते हुए मुकदमा दर्ज कराया। बभनी में कुल चार केस दर्ज हुए। प्रभारी निरीक्षक ने 23 को दर्ज मुकदमे में आरोपियों के जाति का जिक्र किया। घोरावल कोतवाली में पांच दिनों में चार केस दर्ज हुए।
इनमें दो मामलों में जाति का जिक्र था। प्रभारी निरीक्षक की ओर से 27 सितंबर को दर्ज कराए गए मुकदमे में जाति का जिक्र मिला कोन में पांच दिनों में दर्ज तीनों मामलों में जाति लिखी गई है। पन्नूगंज में कुल तीन मामले दर्ज हुए, जिसमें दो में जाति का जिक्र मिला। इसी का जिक्र मिला। म्योरपुर में कुल तीन मामले दर्ज हुए। थाना प्रभारी की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे में आरोपियों के जाति का जिक्र मिला।
विज्ञापन

पिपरी में दर्ज कुल तीन में से दो में जाति का जिक्र है। इसमें एसआई दिलीप सिंह की ओर से गिरफ्तारी मेमो और एफआईआर में आरोपी के जाति का जिक्र किया गया है। संवाद
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें