सोनभद्र। जाति और धर्म के मोह में फंसे लोगों को हाईकोर्ट के आदेश की भी परवाह नहीं है। जिले की सड़कों पर ऐसे वाहन बड़ी संख्या में दौड़ रहे हैं, जिनके शीशे, नंबर प्लेट पर बड़े अक्षरों में जाति और धर्म लिखे हुए हैं। शासन के निर्देश पर यातायात पुलिस ने कार्रवाई तो शुरू की है, लेकिन उसका कोई खास असर नहीं दिख रहा।
इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रदेश सरकार ने पुलिस रिकॉर्ड और सार्वजनिक नोटिसों में सभी जातिगत संदर्भों को हटाने के निर्देश दिए हैं। वाहनों पर भी जाति आधारित स्टीकर या नारे लिखवाने पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई के लिए कहा गया है।
निर्देश जारी होने के चार दिन बाद भी ऐसे वाहनों पर अंकुश नहीं लग पाया है। वाराणसी-शक्तिनगर हाईवे सहित जिले के घोरावल-रामगढ़ स्टेट हाईवे, कोन-तेलगुड़वा सहित अन्य मार्गों पर जातिसूचक शब्दों वाले वाहन दौड़ रहे हैं।
दो पहिया वाहनों के नंबर प्लेट और हेड लाइट कवर पर तो चार पहिया वाहनों के शीशों पर ब्राह्मण, पंडित, क्षत्रिय, सिंह, यादव, मौर्य सहित अन्य जातिसूचक शब्द लिखवाए गए हैं। कई बसों को संचालन भी जाति के नाम पर ही हो रहा है। खनिज परिवहन में लगे वाहनाें के लिए जाति ही कोड है। उसे अंकित देख जांच करने वाले भी रोकते-टोकते नहीं है। कुछ वाहनों पर धार्मिक प्रतीक के रूप में हिंदू, 786 जैसे शब्द भी लिखे गए हैं।