अनपरा। प्रदेश की नवीनतम 500 मेगावाट की सातवीं इकाई की मरम्मत कार्य के लिए कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है। इसके बाद प्रबंधन ने मरम्मत कार्य के लिए निर्माता कंपनी बीएचईएल को सामान का आर्डर भी दिया है। अब जल्द ही मरम्मत कार्य शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।
निर्माण के बाद ही उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम की नवीनतम अनपरा डी परियोजना का सुचारू संचालन प्रबंधन के लिए चुनौती रहा है। परियोजना की 500 मेगावाट की पहली इकाई को तो सिंक्रोनाइज करने के बाद भी लोड पर आने में एक वर्ष से अधिक का समय लग गया था। 500 मेगावाट क्षमता की अनपरा डी की दूसरी अथवा अनपरा की सातवीं इकाई प्रदेश का नवीनतम बिजली संयंत्र है। इसे वर्ष 2016 में सिंक्रोनाइज किया गया था। 12 नवंबर 2019 को इकाई के टरबाइन जनरेटर में आग लग गई थी। तभी से इस इकाई से विद्युत उत्पादन ठप पड़ा था। मरम्मत कार्य का बजट काफी अधिक होने के कारण इसके लिए कैबिनेट का मंजूरी ली जानी थी। अनपरा परियोजना के सीजीएम इं. एचपी सिंह ने बताया कि निर्माता कंपनी बीएचईएल को सामान का आर्डर दिया जा चुका है। फरवरी में सामानों की आपूर्ति होने की संभावना जताई जा रही है। उन्होंने बताया कि सामान उपलब्ध होते ही युद्ध स्तर पर अनुरक्षण कर जल्द से जल्द इकाई को लोड पर लाना प्रबंधन की प्राथमिकता है। इस इकाई के उत्पादनरत हो जाने से प्रदेश को सस्ते दर पर 500 मेगावाट बिजली मिलने लगेगी। जबकि एक वर्ष तक पावर कारपोरेशन को मंहगे दामों पर बिजली खरीदकर बढ़ी मांगों को किसी प्रकार पूरा करना पड़ा है।