सोनभद्र जिले में जल जीवन मिशन के तहत पाइप लाइन से जलापूर्ति की स्थिति बेहद खराब है। जिन गांवों में महीनों पहले पाइप लाइन बिछ चुका है, वहां भी पानी नहीं आ रहा। बुधवार को सदर विधायक भूपेश चौबे ने इसकी समीक्षा में अफसरों के रुख पर कड़ी नाराजगी जताई।
एडीएम नमामि गंगे रोहित यादव के साथ कार्यालय में समीक्षा के दौरान उन्होंने कार्यदाई संस्था के अफसरों को स्पष्ट शब्दों में कड़ी हिदायत दी। बैठक के बाद उन्होंने कहा कि अफसरों के नकारेपन से गांवों में पानी नहीं पहुंच रहा। अगर नहीं सुधरे तो बोकला (चर्बी) छोड़वा देंगे। विधायक ने सदर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत नगवां, तेंदुडाही, बेलाही, हर्रा परियोजना से जलापूर्ति की समीक्षा की। इन सभी परियोजनाओं का काम पूरा हो चुका है, बावजूद लगातार पानी न पहुंचने की शिकायत बनी हुई है।
समीक्षा बैठक के दौरान अफसरों ने कहीं बिजली की कटौती से जलापूर्ति में व्यवधान को कारण बताया तो कहीं गांवों में चल रहे निर्माण कार्यों की वजह से लीकेज होने की दलील दी। हर्रा परियोजना से जुड़े गांवों में बालू खनन के चलते नदी की धारा बदलने से इंटेकवेल तक ही पानी न आने को कारण बताया गया।
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विधायक ने अमर उजाला में प्रकाशित गोटीबांध गांव के भलहुनिया टोले तक पानी न पहुंचने की वजह पूछी तो बताया कि इस गांव के लिए बिछी पाइप लाइन चंदौली जिले की सीमा से होकर गुजरी है। पड़ोसी जिले में कार्य के दौरान लीकेज से आपूर्ति बाधित हो रही है। नगवां के ही कई अन्य गांवों में भी लीकेज के कारण पानी न पहुंच पाने की अफसर दलील देते रहे।