दुद्धी। उमस भरी गर्मी में बीमारियों का कहर शुरू हो गया है। मरीजों की संख्या में अचानक वृद्धि से दुद्धी 30 बेड वाले सीएचसी के सभी वार्ड फुल हो गए हैं। गैलरी में मरीजों को लेटाकर उपचार किया जा रहा है। बृहस्पतिवार को सीएचसी के बाहर पेड़ के नीचे भी कई मरीज लेटे रहे। उनके हाथों में डि्रप लगी थी।
झारखंड, छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती इलाकों से भी मरीज दुद्धी सीएचसी में पहुंचते हैं। इन दिनों मौसम में हुए बदलाव के कारण मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। आम दिनों की अपेक्षा दोगुने मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। इसमें सबसे ज्यादा उल्टी-दस्त, बुखार के मरीज हैं। बच्चों और बूढ़ों में समस्या अधिक है। सीएचसी में महज 30 बेड हैं। इसके चलते अक्सर मरीजों को गैलरी और प्रतीक्षालय में भर्ती करना पड़ता है। बृहस्पतिवार को कई मरीज अस्पताल परिसर में पीपल के पेड़ के नीचे ही उपचार कराते दिखे। नगवां निवासी शोभनाथ (56) ने बताया कि बुधवार की रात अचानक सीने में दर्द होने पर सीएचसी दुद्धी आए थे। बेड खाली नहीं मिला तो उमस भरी गर्मी को देखते हुए पेड़ के नीचे शुद्ध हवा में लेट गए। यहीं पानी की बोतल चढ़ाया गया। चिकित्सकों ने रेफर कर दिया है। बरखोहरा निवासी जिरवा देवी (50) को झारखंड के सटे ककरेहवा के पास कनहर नदी में डूबते हुए बचाया गया था। उनके साथ आई बहू पुनीता देवी ने रात में बिजली बार-बार कटने के बाद अस्पताल में उमस से रहना संभव नहीं था। ऐसे में मरीज को पेड़ के नीचे लेकर चले आए।
सुबह-शाम प्रतिदिन डायरिया व वायरल के मरीज भर्ती हो रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ओपीडी एवं आईपीडी की भीड़ को नियंत्रित कर रही है। अस्पताल में चिकित्सकों व कर्मचारियों की कमी से थोड़ी दिक्कत आ रही है। सफाई दोनों वक्त कराई जा रही है। मरीज के साथ आए तीमारदार मना करने के बाद भी बाहर स्टैंड लेकर मरीज को पेड़ के नीचे लिटा रहे हैं। -डॉ. शाह आलम अंसारी, सीएचसी अधीक्षक।