जिले से लगती झारखंड, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश की सीमा पर स्वागत गेट निर्माण की योजना कागजों तक सिमट कर रह गई है। पिछले साल जिन छह नए स्थानों पर स्वागत निर्माण के लिए प्रस्ताव बनाकर शासन में भेजा गया था, उसमें से एक भी स्थान पर स्वागत गेट के निर्माण के लिए अभी बजट नहीं मिल पाया है।
इससे सरकार के अंतरराज्यीय बार्डर पर स्वागत गेट का निर्माण कराए जाने की योजना परवान नहीं चढ़ पा रही है। लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड की तरफ से उत्तर प्रदेश-झारखंड सीमा पर रीवां-रांची राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 39 पर चार लेन बार्डर गेट का निर्माण कराने जाएगा प्रस्ताव बनाकर भेजा गया था।
यहां करीब 1.48 करोड़ की लागत स्वागत गेट का निर्माण कराए जाने का प्रस्ताव बना था। इसी तरह मध्य प्रदेश प्रांत से लगती सीमा मुर्धवा-म्योरपुर, बभनी चपकी-बीजपुर मार्ग पर दो लेन का बार्डर गेट का निर्माण का प्रस्ताव था।
यहां करीब 1.24 करोड़ की लागत से गेट बनना था। वहीं छत्तीसगढ़ बार्डर से लगती बभनी पोखरा आसनडीह मार्ग पर चार लेन बार्डर गेट का निर्माण कार्य कराए जाने का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया था।
यहां 1.48 करोड़ रुपये निर्माण पर खर्च होने का अनुमान लगाया गया था। इसी तरह लिलासी, कुदरी धनखोर सागोबांध मार्ग दो लेन का बार्डर गेट का निर्माण, छत्तीसगढ़ बार्डर पर ही चपकी, बचरा, भवर, नवाटोला मार्ग पर 1.24 करोड़ की लागत से दो लेन का बार्डर गेट का निर्माण कार्य कराए जाने का प्रस्ताव था।
इस प्रकार से झारखंड, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश से लगती जनपद की सीमा पर कुल छह स्थानों पर करीब 7.92 करोड़ रुपये की लागत से स्वागत गेट का निर्माण कराए जाने का प्रस्ताव शासन में भेजा गया था। आठ माह बीत जाने के बाद भी एक भी स्थान पर स्वागत गेट निर्माण कराए जाने के लिए प्रस्ताव को हरी झंडी नहीं मिली। इससे इस परियोजना का काम कागजों तक सिमट कर रह गया है।
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इन स्थानों पर अभी बना है स्वागत गेट
लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड की तरफ से ओबरा विधानसभा क्षेत्र के परसोई बेलगढ़ी में और चोपन नेवारी में मध्य प्रदेश से लगती अंतरराज्यीय सीमा पर स्वागत गेट का निर्माण कराया गया है। इसी तरह पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड द्वितीय की ओर से नगवां ब्लॉक अंतर्गत बिहार बार्डर पर स्वागत गेट का निर्माण कार्य कराया गया है। जबकि पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड की तरफ से शक्तिनगर में एमपी बार्डर पर स्वागत गेट का निर्माण कराया गया है।
शक्तिनगर में एमपी बार्डर पर स्वागत गेट का निर्माण पूरा हो गया है। लाइटिंग का काम भी हो गया है। छत्तीसगढ़, झारखंड और एमपी से लगती सीमा पर छह स्थानों पर स्वागत गेट निर्माण कराए जाने का प्रस्ताव शासन में भेजा गया है। अभी शासन से मंजूरी नहीं मिली है। शासन से बजट मिलने के बाद ही इस पर काम शुरू किया जाएगा।
-जितेंद्र तिवारी, अवर अभियंता-पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड।