ऑनलाइन काम करने तथा एजुकेटर भर्ती के विरोध में बृहस्पतिवार को आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने लोढ़ी स्थित हनुमान मंदिर से पैदल मार्च (जुलूस) निकाला। जुलूस की शक्ल में कलेक्ट्रेट पहुंचकर मांगों से संबंधित ज्ञापन डीएम कार्यालय में सौंपा। आंगनबाड़ी संयुक्त मोर्चा के बैनर तले सौंपे ज्ञापन में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने ऑनलाइन काम कराने का विरोध की। साथ ही वर्षो से लंबित मांगें पूरा करने की मांग की।
संयुक्त मोर्चा की अध्यक्ष प्रतिमा के नेतृ़त्व में ज्ञाप सौंपा गया। उन्होंंने कहा कि जनहित की अति महत्वपूर्ण समेकित बाल विकास योजना (आईसीडीएस) की आंगनबाड़ी कर्मचारी रीढ़ तथा मूल जमीनी कार्यकर्ता हैं। इसको शुरू हुए इस वर्ष 50 वर्ष पूरे हो रहे हैं। आंगनबाड़़ी कार्यकत्रियों ने एजुकेटर भर्ती, ऑनलाइन काम कराने का विरोध किया।
संगठन सचिव विभा सिंह ने कहा कि यह स्थिति बेहद निराशाजनक व अन्याय पूर्ण है। जिन महिला कर्मचारियों ने विपरीत सामाजिक परिस्थितियों व कठिनाइयों का सामना करते हुए अपने जीवन के 30-40 वर्ष समाज के सबसे कमजोर, गरीब, शोषित-पीड़ित, वंचित तबके के गर्भवती-धात्री महिलाओं, बच्चों की सेवा में व्यतित किए।
देश को पोलियो मुक्त किया, कोरोना महामारी में जीवन जोखिम में डालकर गरीब, बीमार लोगों की सेवा कर फ्रंट लाइन वर्कर का तमगा पाया। उन्हें बिना कोई फंड, पेंशन, एकमुश्त धनराशि दिए आंखों में आंसू लिए विदा किया जा रहा है।
जुलूस एवं ज्ञापन देने वालों में शशि, किरण, विंध्यवासिनी, सावित्री देवी, माया सिंह, रीता देवी, बबिता, उर्मिला, रेखा, दुर्गावती, पुनीता, सोनी जायसवाल, मनोरमा, माधुरी, शकुन्तला, रानी, कलावती, मीना, सुनीता, जानकी आदि शामिल रहे।